Sadhguru Quotes in Hindi | सद्गुरु के अनमोल विचार

Sadhguru Quotes in Hindi: दोस्तों आज के इस लेख में हम सद्गुरु के अनमोल विचार आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की सद्गुरु के अनमोल विचार आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा सद्गुरु के अनमोल विचार पसंद आएगा।

Sadhguru Quotes in Hindi

sadhguru quotes in hindi

दिमाग एक शक्तिशाली साधन है,
आपका हर विचार, हर भावना अपने,
शरीर को पूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं।

ध्यान अपने अस्तित्व की खूबसूरती को जानने का एक तरीका है।

परिवर्तन जीवन का एक ही एक रूप है,
यदि आप परिवर्तन का विरोध करते है,
तब आप जीवन के विरोधी है।

जाति, धर्म, और राष्ट्रीयता को लेकर,
आपकी जो सीमित पहचान है,
वो विवाद और हिंसा को बढ़ावा देती है।

स्वयं की अधिकतर इच्छाए आपकी नहीं होती है,
बल्कि आप उन्हें सामाजिक परिवेश में उठा लेते है।

जीवन आपके बाहर नहीं है। आप जीवन हैं।

यह देखिए कि जिंदगी में आगे कैसे बढ़ना है,
हरदम गाड़ी के पिछड़े शीशे में देखने से आप टकरा जाएंगे।

एक इंसान बीज की तरह है,
या तो आप इसे वैसे ही रख सकते हैं,
या आप इसे फूलों और फलों के साथ एक,
अद्भुत पेड़ में विकसित कर सकते हैं।

“जीवन आपके बाहर नहीं है,
आप जीवन हैं।”

ये मत सोचो कि आपका पैसा, रिश्ते,
या परिवार आपके लिए को बीमाँ हैं,
बल्कि यह जानना की स्वयं को सभी स्तरों पर,
अच्छे से कैसे रखे, आपके लिए सिर्फ यहीं बिमा हैं और यहीं योग हैं।

ध्यान कोई कार्य नहीं, एक गुण है।

बहुत से लोग भूखे हैं ???यह इसलिए नहीं है,
की भोजन की कमी हैं यह इसलिए हैं,
क्योकि मानव ह्रदय में प्यार,
भावना और दुलार की कमी है।

अविश्वसनीय चीजें आसानी से की जा सकती हैं,
यदि हम उन्हें करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जिम्मेदारी लेते ही ,आप वास्तव में स्वयं,
के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे है।

यदि आपका मन आपके कंट्रोल में है,
तब आप बुद्धि के साथ सभी मानवीय,
सीमाओं को पार कर जाते है।

जब तक यहां आपका अस्तित्व केवल शरीर और मन के रूप में है,
पीड़ा तो होगी ही, इससे बचा नहीं जा सकता,
ध्यान का अर्थ है आपने शरीर और मन की सीमाओं से परे जाना।

एक गुरु कोई ऐसा नहीं होता जो,
आपके लिए मशाल पकड़ता है,
बल्कि वो खुद मशाल होता है।

लोग कहते है मेहनत कर के कोई भी काम करो,
मै कहता हु कोई भी काम प्रेम से करो और पूरी लगन से करो।

पानी की अपनी याददाश्त है,
आप इसके साथ कैसे पेश आते हैं,
किस तरह के विचार और भावनाएं पैदा करते हैं,
उसी के अनुसार वो आपके शरीर में व्यवहार करता है।

यदि आप सफल होना चाहते हैं तो,
सफलता की तलाश न करे।

जीवन में सबसे खूबसूरत क्षण वे क्षण,
होते हैं जो आप अपनी ख़ुशी व्यक्त,
कर रहे होते हैं न की आप इसे खोज,
रहे होते हैं।

बहुत से लोग भूखे हैं, इसलिए नहीं की भोजन की कमी हैं,
ऐसा इसलिए हैं क्योकि मानव ह्रदय में प्यार और दुलार की कमी है।

यदि आप परिवर्तन का विरोध करते हैं,
तो आप जीवन का विरोध करते हैं।

जो सही और गलत, पसंद और नापसंद में ही फंस कर रह गया है,
वो प्रेम की प्रकृति को कभी नहीं जान पाएगा।

अगर आप अपने शरीर, दिमाग, ऊर्जा और भावनाओं को,
एक खास स्तर तक परिपक्व करते हैं, ध्यान अपने आप फलित होगा।

आपके दुखी होने का एक ही कारन है,
की आप खुश रहने की कोशिस कर रहे हैं।

प्रेम कोई सुविधा का साधन नहीं है,
यह खुद को मिटाने की एक प्रक्रिया है।

जब दर्द, दुख या क्रोध होता है,
तब आपको अपने भीतर देखने की जरुरत हैं,
ना की बाहर देखने की।

अगर आपके अंदर पूरी स्पष्टता है,
तो साहस की जरुरत ही नहीं,
क्योंकि स्पष्टता आपको पार ले जाती है।

अपने आस पास के लोगो से हम दो तरह पेश आ सकते है,
पहला> उनके साथ समाज सरकार की बुराई कर सकते है,
दूसरा >उनको साथ लेकर एक नए समाज का निर्माण कर सकते है।

यदि आप जीवन को सहजता से और बिना,
किसी उलजाउ के चलते हैं तो,
वह परिपक्ता है।

अगर तुम अपने भीतर विकसित हो,
जाओ तो कोई अहंकार नहीं होगा,
कोई पूर्वाग्रह नहीं होगा,
आप शुद्ध निरपेक्ष भाव से कार्य करेंगे।

आत्मज्ञान उस सत्य का साक्षात्कार है,
जो पहले से ही मौजूद है।

अपने प्यार, अपने आनंद और,
अपने उल्लास को पीछे मत रोको,
आप जो देते हैं, वही आपका गुण,
बनता है, न कि वह जो आप रोक,
कर रखते हैं।

कर्म का मतलब किस्मत के भरोसे रहना नहीं है,
कर्म का मतलब है अपने किस्मत का मालिक ख़ुद बनना।

जब आप नहीं जानते कि,
क्या चुनना है, तो हर चीज,
में पूरी भागीदारी दिखाएं।

अगर इंसान सचेतन हो जाते हैं,
तो प्रभुत्व दिखाने और झगड़ने की जरूरत खत्म हो जाती है।

जीवन का मूल उद्देश्य,
खिलने की उस सर्वोच्च अवस्था तक पहुंचना है,
जहां तक पहुंचना संभव है,
ध्यान खिलने के लिए खाद्य पदार्थ है।

जो व्यक्ति अस्तित्व की सम्पूर्णता को सुनता हैं,
उसके लिए हर चीज संगीत हैं।

जब दर्द, दुख या क्रोध होता है,
तब आपको अपने भीतर देखने की जरुरत हैं,
ना की बाहर देखने की।

एक बार जब आपका मन पूर्ण रूप से स्थिर हो,
जाता है तब आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं को पार कर जाती है।

जैसे फूल के लिए सुगंध होती है, वैसे ही इंसान के लिए प्रेम होता है।

जब आप किसी से प्रेम करते हैं,
तो यह एक सौभाग्य है कि आप उनके लिए कुछ करें,
सेवा ही प्रेम का एक छोटा सा विकल्प है।

जो अपने भीतर के शांति को नहीं,
छूटा उसे आराम कभी नहीं मिलेगा।

आपकी ज्यादातर इच्छाएं वास्तव में आपकी नहीं होती,
आप बस उन्हें अपने सामाजिक परिवेश से उठा लेते है।

ध्यान का अर्थ है, अपने भीतर नए आयाम जागृत करना।

आपकी ख़ुशी, दुःख, पीड़ा और आनन्द आपके भीतर ही पैदा होता है,
तो कम से कम ये सब चीजे आपके अनुसार पैदा होने चाहिए।

किसी भी चीज़ को उसके वास्तविक रूप में,
देखने की शक्ति व्यक्ति को सहजता प्रदान करती है।

आप जहां भी हैं,
आप के जो भी सामने आते हैं,
हर स्थिति से सर्वश्रेष्ठ बने रहे,
जीवन के अनुभव को व्यर्थ न जाने दें।

आपको अभी जो भी करना है,
उसे आप पूरी भागीदारी के साथ कीजिए,
सिर्फ तभी आप सचेतन होने,
की मिठास को जान पाएंगे।

कुंठा, निराशा और अवसाद का मतलब है
कि आप अपने खिलाफ काम कर रहे हैं।

आप जो भी करते हैं, बस इतना चेक करें,
क्या ये पूरी तरह से आपके बारे में है,
या यह सबकी भलाई के लिए है,
यह अच्छे और बुरे कर्मों के बारे में,
आपके सारे भ्रमों को दूर कर देगा।

यदि आपकी सारी ऊर्जा एक दिशा में केंद्रित हैं,
तो ज्ञान बहुत दूर नहीं है,
आखिरकार, जो आप खोज रहे हैं,
वह पहले से ही आपके भीतर है।

लोग किताबों को पवित्र कहते है,
लेकिन उन्हें अभी भी ये समझना है कि जीवन पवित्र है।

एक बार जब आप जीवन के सभी रूपों को,
अपने एक हिस्से के रूप में अनुभव कर लेते हैं,
तो आप अपने आस-पास की हर चीज के,
साथ प्रेम में पड़े बिना नहीं रह सकते।

यदि आपको लगता है कि आप बड़े हैं,
तो आप छोटे हो जाते हैं,
यदि आप जानते हैं कि आप कुछ भी नहीं हैं,
तो आप अनंत हो जाते हैं।

एक बार जब आपका मन पूर्ण रूप से स्थिर हो जाता है,
तब आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं को पार कर जाती है।

अगर आप आज दुनिया को देंखे, तो झूठ का बोलबाला है,
सच्चाई लगभग गायब ह गयी है,
इंसान की परिपूर्णता के लिये उसे उलटने का समय अब आ गया है।

आपकी ज्यादातर इच्छाएं वास्तव में आपकी नहीं होती,
आप बस उन्हें अपने सामाजिक परिवेश से उठा लेते है।

आध्यात्मिक का मतलब है,
क्रमिक विकास की प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाना।

हर चीज़ को ऐसे देखना जैसे कि वो है,
आपके जीवन को सहजता से जीने की शक्ति और क्षमता देता है।

प्रेम कोई काम नहीं बल्कि यह एक गुण है,
केवल वो व्यक्ति जो अपने दिमाग का कचरा किनारे रख सकते हैं,
वास्तव में प्रेम और करुणा के काबिल होते हैं।

आराम हमें केवल उस काबिल बना कर,
छोड़ देता है , ताकि हम जीवित ही रह सकते है।

बड़ी तथा अविश्वश्नीय दिखने वाली चीजे बड़ी ही आसानी,
के साथ की जा सकती है,
यदि हम उन्हें करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हो।

प्रकृति के प्रति जागृत होना अगर आप नहीं सिखते,
तो प्रकृति आपको बहोत कृरता से सिखायेगी।

भौतिकता से परे जाने में ही रूपांतरण हैं,
जहाँ पर आप अभी हैं, वहां से जब आप सतत ऊपर उठते रहते हैं,
तो एक दिन आप बहुत गहराई में रूपांतरित हो जायेंगे।

अविश्वसनीय चीजें आसानी से की जा सकती हैं,
यदि हम उन्हें करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यदि आप परिवर्तन का विरोध करते हैं,
तो आप जीवन का विरोध करते हैं।

जीवन में जब कुछ गड़बड़ होता है,
तभी पता चलता है कि आप कौन हैं,
जब सबकुछ बढ़िया चल रहा हो,
तो हर कोई शानदार होने का दिखावा कर सकता है।

“ध्यान कोई कार्य नहीं,
एक गुण है।”

ज्यादातर लोग पंछी की तरह पिंजरे में रहते हैं,
पिंजरे का दरवाजा तो खुला है,
लेकिन वह पिंजरे में इतने व्यस्त हैं,
कि कोई और संभावना उन्हें दिखती ही नहीं।

असल में ध्यान का अर्थ है, अनुभव के स्तर पर यह एहसास होना,
कि आप कोई अलग इकाई नहीं हैं – आप एक ब्रह्मांड हैं।

आप वास्तव में जागरूक हो सकते हैं,
और जीवन के हर हिस्से का आनंद ले सकते हैं,
यदि आप लगातार जानते हैं कि आप नश्वर हैं।

शरीर में सेक्स है तो ठीक है,
जेब में पैसा है तो भी ठीक है,
यह तब एक समस्या है,
जब वे आपके दिमाग में प्रवेश करते हैं।

किसी भी काम को न करने तथा उसे तनावपूर्ण,
बनाने में शरीर ,मन तथा भावनाए शामिल होती है।

एक इंसान बीज की तरह है या तो आप इसे वैसे ही रख सकते हैं,
या आप इसे फूलों और फलों के साथ एक अद्भुत पेड़ में विकसित कर सकते हैं।

आप जहां भी हैं, आप के जो भी सामने आते हैं,
हर स्थिति से सर्वश्रेष्ठ बने रहे,
जीवन के अनुभव को व्यर्थ न जाने दें।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा भीमराव अंबेडकर के अनमोल वचन आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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