Farmer Quotes in Hindi | किसान कोट्स हिंदी में

Farmer Quotes in Hindi: दोस्तों आज के इस लेख में हम किसान कोट्स हिंदी में आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की किसान कोट्स आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको किसान से जुड़े हुए विचार पसंद आएंगे ।

Farmer Quotes in Hindi

farmer quotes in hindi

देश की प्रगति है तब तक अधूरी,
किसान के विकास के बिना न होगी पूरी।

किसान है अन्नदाता,
यही है देश के भाग्यविधाता।

ईमानदारी मेहनत जिसकी शान है,
वह मेरे देश का किसान है।

मेरा भारत महान है क्योंकी,
मेरे देश की पहचान किसान है।

आओ हम शुरुआत करें,
किसानों का आभार करें।

कामयाबी हाथों की लकीरों में नहीं,
माथे के पसीने में हैं, वो मजा आम,
जिंदगी में कहाँ जो बिंदास जीने में है।

कितना भी डिजीट्ल हो जाये हिन्दूस्तान,
लेकिन देश की शान, देश का किसान।

जिसकी आँखो के आगे,किसान पेड़ पे झूल गया,
देख आईना तू भी बन्दे,कल जो किया वो भूल गया।

माना गरीब हूं मैं बेटा किसान का,
मैं ही बनूंगा गौरव भारत महान का।

जब कोई किसान या जवान मरता है,
तो समझना पूरा हिन्दुस्तान मरता है।

हकीकत में किसान ही इस देश,
को चलाते है वही खाने को अनाज,
देते है, वही चुन कर सरकार देते है।

प्रयास छोटा ही सही लेकिन लगातार,
होना चाहिए,बारिश की बूंदे भले ही,
छोटी हो, लेकिन उनका लगातार,
बरसना बड़ी नदी का बहाव बन जाता है।

खाना खाते वक्त ये दुआ जरूर करना दोस्तों,
जिसके खेतों से मेरा खाना आया हैं,
उसके बच्चे कभी भी भूखे न सोये।

किसान के कच्चे मकान बारिश में टपकते हैं,
टूट जाते हैं फिर भी बारिश की दुआ मांगता हैं।

जब भोजन की थाली सामने आ जाए,
तो भोजन के समय ईश्वर को नहीं,
उस महान किसान को धन्यवाद देना।

क्या तुम्हें पता है किसान कैसे जीता हैं,
दुःख दर्द के आँसू वो हँसकर पीता हैं।

मौसम बदलेगा, सुरूर बदलेगा,
ऐ देश के किसान आपका दौर बदलेगा।

किसान भाई है असली शान,
ये बढ़ाते है हमारे देश का मान।

गाय बैल संगी साथी पर कभी पड़े है अकाल,
मैं हूँ धरती का लाल, पर बुरा है मेरा हाल।

मत मारो गोलियो से मुझे मैं पहले से एक दुखी इंसान हूँ,
मेरी मौत कि वजह यही हैं कि मैं पेशे से एक किसान हूँ।

किसान हो तो अपने जमीन को कभी मत बेचना,
क्योंकि ये माँ होती है. रोजगार तो नहीं देती है,
पर दो वक्त का खाना जरूर देती हैं।

किसान पर होगा अत्याचार,
तब होगा देश पर अत्याचार।

अपना पेट काटकर जो हमे खाना खिलाये वो है किसान,
और ज्यादा क्या बोलू खाना देने वाला दूसरा भगवान है किसान।

हरी कर दे झाड़ियाँ, फल दे पेड़ो को ईश्वर,
प्यासी वसुंधरा की प्यास बुझा जल दे मालिक।

आज फिर एक किसान फांसी लगा कर मर गया,
जाते-जाते भी वो कुछ अनाज पैदा कर गया।

इस किसान प्रधान देश में किसान बस एक नौकर है,
और एक सेवक नेता प्रधान है।

किसी भी देश की असली ताकत,
उसके किसान और जवान होते है।

जिंदगी के हर मोड़ पर ये बात याद रखना,
किसानों के तुम कर्जदार हो, उस एहसान को उतारने की सोचना।

सभी का पेट भरने वाला किसान,
खुद अपने घर में भुखमरी से परेशान है।

किसान वो भगवान हैं जो खुद का पेट,
खाली रख कर,दूसरों का पेट भरता हैं।

जब खतरे में है देश के जवान और किसान तो,
फिर भला कैसे कह दूँ मेरा भारत महान।

ज़िन्दगी में कुछ भी बनिये मगर दिल से किसान,
जरूर बने रहो क्योकिं किसान सिर्फ अपने परिवार,
को नही पालता बल्कि वह ‘ईमानदारी’ और “स्वाभिमानिता,
को भी ज़िन्दगी भर पालता है।

चीर देता है धरती सूखता नहीं उसका पसीना,
आराम के लिए किसान को मिलता नहीं महीना।

खेत अभी भी बंजर हैं,
नैनों में था रास्ता, हृदय में था गांव,
हुई न पूरी यात्रा, छलनी हो गए पांव।

मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं,
अपने जूनून पर निगाहे लगी,
हुई है आकाश के मानसून पर।

देता रहा तुझको अनाज,
चुका कर खून पसीने का ब्याज।

घटाएँ उठती हैं बरसात होने लगती है,
जब आँख भर के फ़लक को किसान देखता है।

किसान के क़दम धुप में जले हैं,
उसके कंधे झुके क़र्ज़ के तले है।

खेतों को जब पानी की जरूरत होती है,
तो आसमान बरसता है या तो आँखें।

मर रहा सीमा पर जवान और खेतों में किसान,
कैसे कह दूँ इस दुखी मन से कि मेरा भारत महान।

चीर देता है धरती का सीना, अपना पसीना बहा के,
वो इंसान नहीं, देश का किसान है।

ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा।

किसान की आह जो दिल से निकाली जाएगी,
क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी।

घटाएँ उठती हैं बरसात होने लगती है,
जब आँख भर के फ़लक को किसान देखता है।

उन घरो में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,
कद में छोटे हो, मगर लोग बड़े रहते हैं.

भगवान का सौदा करता हैं,
इंसान की क़ीमत क्या जाने?
जो “धान” की क़ीमत दे न सक,
वो “जान ” की क़ीमत क्या जाने?

अजीब कहानी है ये किसान की ज़िन्दगी की,
वो पूरे देश को खिला रहा है,
पर उसके खुद के पास खाने को दो वक़्त की रोटी नहीं है।

वो शान से नहीं चल पा रहा चल रहा है,
गर्दन झुकाते-झुकाते, मेरे देश का किसान परेशान है,
क़र्ज़ की किश्तें चुकाते-चुकाते।

खेती के व्यवसाय में भी फायदा होता हैं,
पर खेती करने का एक कायदा होता हैं।

भारत सरकार अगर किसानों के लिए कुछ करना चाहती हैं,
तो उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ की व्यवस्था कर दे।

हमे खिलाने वाले वो किसान अन्नदाता ना जाने,
कितनी रात साल में कितनी बार भूखे सोते हैं।

कहा छुपा कर रखु अपने हिस्से की शराफत,
जिधर भी देखता हु उधर बेईमान खड़े हे,
क्या खूब तरक्की कर रह हे अब देश देखिये,
खेतो में बिल्डर और सडको पर किसान खड़े हे।

किसान खेत में मरता है और किसान का बेटा फ़ौज में,
नेता देश में ऐश करता है, और उसका बेटा विदेश मे।

ग़रीब के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान खुद बिक जाते हैं बाजारों में।

भाग्य से नहीं कर्म से बढ़ते,
किसान देश का नाम रोशन करते।

जब कोई किसान अपने हक के लिए लड़ता है,
तो समझना कि वह हिंदुस्तान के हक के लिए लड़ रहा है।

मुफ्त की कोइ चीज बाज़ार में नहीं मिलती,
किसान के मरने की सुर्खिया अख़बार में नहीं मिलती।

उसका घर कच्चा है पर फिर भी वो,
किसान बारिश का इंतज़ार बेसब्री से कर रहा है।

खाना खाते वक्त ये दुआ जरूर करना दोस्तों,
जिसके खेतों से मेरा खाना आया हैं उसके बच्चे कभी भी भूखे न सोये।

अब तो बस चारो तरफ दिखते है,
होटलें और मकान ही मकान,
कहा से लाए खेत और खलिहाल,
क्या करेंगा अब मेरे देश का किसान।

कितने अजब रंग समेटे हैं ये बेमौसम बारिश खुद में,
अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा हैं तो किसान जहर।

लोग कहते हैं बेटी को मार डालोगे,
तो बहू कहाँ से पाओगे?
जरा सोचो किसान को भी मार डालोगे,
तो रोटी कहाँ से लाओगे?”

ऐ ख़ुदा बस एक ख़्वाब सच्चा दे दे,
अबकी बरस मानसून अच्छा दे दे।

किसान के पास पैसे कम हो सकते हैं,
और बहुत सारी समस्याएँ भी हो सकती हैं,
पर वो स्वस्थ होता हैं और रात में चैन से सोता हैं।

हमें अपने पूरे जीवन में कभी-कभी डॉक्टर, वकील,
इंजिनियर की जरूरत पड़ती हैं,
परन्तु हर दिन तीन टाइम हमें किसान की जरूरत पड़ती हैं।

कोई परेशान हैं सास-बहू के रिश्तो में,
किसान परेशान हैं कर्ज की किश्तों में।

कहाँ ले जाओगे किसान के हक का दाना,
इस दुनिया को एक दिन तुमको भी है छोड़ जाना।

देर शाम खेत से किसान घर नहीं आता है,
तो बच्चों का मासूम दिल सहम जाता है।

परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
छत टपकती हैं उसके कच्चे मकान की,
फिर भी “बारिश” हो जाये, तमन्ना हैं किसान की।

एक बात हमेशा याद रखना,
इस देश के हर इंसान की भूख का,
हल किसानों के हल की वजह से ही निकलता है।

शुक्र हैं कि बच्चे अब शर्म से नही मरेंगे,
चुल्लू भर पानी के लिए खुदा दे दुआँ करेंगे।

बढ़ रही है कीमतें किसान की उगाई हुई सब्ज़ियों की,
पर ना जाने कैसे किसान आज भी गरीब का गरीब ही है।

ये सिलसिला कब तक चलता रहेगा,
किसान को हर कोई चलता रहेगा।

तेरे प्यार में उपजाऊ खेत बन गया,
तेरी जुदाई में मरु का रेत बन गया,
तुम तो हो पर तुम्हारा मंदिर नहीं है,
तुम राम बन गयी मैं साकेत बन गया।

जो घर बैठी माँ को माँ पुकारे वो इंसान है,
जो घर बैठी माँ से पहले देश की माटी को माँ पुकारे, वो मेरा हिंदूस्तान है,
जो इस माटी का कर्ज चुकाए बिना कोई लोभ,
वो इस माटी कि असल संतान मेरे देश का किसान है।

अब कहाँ वो मुलाकात करते हैं,
किसानों से अब कहाँ वो मुलाकात करते हैं,
बस ऱोज नये ख्वाबों की बात करते हैं।

खींच लाता है गांव में बड़े बूढ़ों का आशीर्वाद,
लस्सी, गुड़ के साथ बाजरे की रोटी का स्वाद।

वो जो पिछले साल सब खेतों को सोना दे गया,
अब के वो तूफ़ान किस किस का मकाँ ले जाएगा।

यदि कोई किसान किसी देश में रहता है और बढ़ता है,
तो वह देश रहता है और बढ़ता है,
यदि किसी देश में किसान जीवित नहीं रह पाता है,
तो वह देश नहीं है, यह श्मशान भूमि है।

जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं,
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं।

किसानों का हाल हमेशा बदहाल होता है,
सरकार कोई भी हो सिर्फ बवाल होता है.
सरकारें वादें पर वादा कर रही है,
फिर भी किसानों को हालत बिगड़ रही है।

किसानों की हालत देखकर जो गुस्से से फूल जाते है,
नेता, विधायक, मंत्री बनने के बाद किसानों को भूल जाते है।

इस दुनिया को खिलाने वाला बाप है मेरा,
और मुझे अपने पिता के किसान होने पर गर्व (Proud) है।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा किसान कोट्स हिंदी में आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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