Beti Maa Baap Quotes | बेटी और माँ-बाप कोट्स

Beti Maa Baap Quotes: दोस्तों आज के इस लेख में हम बेटी और माँ-बाप कोट्स आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की बेटी और माँ-बाप कोट्स आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा बेटी और माँ-बाप कोट्स पसंद आएगा।

Beti Maa Baap Quotes

beti maa baap quotes

मत छोड़ना किसी गैर के लिए अपने माँ-बाप को यारों,
जहां तुम्हारा कोई नहीं होता वहां माँ बाप ही साथ खड़े होते हैं।

जहां तुम्हारा कोई नहीं होता,
वहां माँ-बाप ही साथ खड़े होते हैं।

एक माँ एक बेटी की सबसे,
अच्छी दोस्त होती है।

माता पिता हमारे रक्षक है,
माता पिता ही हमारे भगवान है,
उनके बिना जीवन संभव नहीं,
यह हमारा सबसे बड़ा सम्मान है।

बेटी से ही आबाद हैं सबके घर-परिवार,
अगर न होती बेटियाँ थम जाता संसार।

हर रिश्ता दूर होने पर टूट जाता है,
सिर्फ बेटी और माँ-बाप का रिश्ता होता है,
जो दूर होकर भी मजबूती से जुड़ा रहता है।

मां- बेटी का रिश्ता है खास,
क्योंकि इसमें होती है गुड़ जैसी मिठास।

कहते हैं की पहला प्यार कभी भुलाया नहीं जाता,
फिर पता नहीं लोग क्यू अपने माँ बाप का प्यार भूल जाते हैं।

मेरे लिए मेरा जहान हो तुम,
सबसे बड़ी पहचान हो तुम,
अगर माँ जमीन है तो पापा मेरे लिए,
पूरा आसमान हो तुम।

सिर्फ बेटियां ही वो फूल होती है,
जनाब जो दो आँगन महका सकती है।

मत करना नज़र अंदाज़ माँ-बाप की तकलीफों को,
जब ये बिछड़ जाते है तो,
रेशम के तकिये पर भी नींद नहीं आती।

मुस्कुराता देख बेटी को मैंने पूछ लिया?
कहने लगी पापा ने मुझको बेटा कहा है।

अब्बू मेरा दिल,
अम्मी मेरी जान,
बाकी सब तो,
भंगार की दूकान।

क्या कहूँ अब बेटी और माँ-बाप के रिश्ते पर,
गुलाब की तरह सजती है बेटियां माँ-बाप के गुलदस्ते पर।

जिसने मेरे बेटी को तकलीफ पहुचाई,
उसने गोया मुझे तकलीफ पहुचाई।

जिद्दी बहुत हूँ मैं क्या करू,
पापा ने कभी कोई ख्वाहिश,
अधूरी ही नही रखी।

बेटी परिवार की बढाती है,
शानतभी तो दो बेटी को खुला,
आस मां उसके होने से ही तो जीवन चलता है,
उसके हंसने से हर काम फलता है।

ज़िन्दगी में आपको कई चीज़ें मिलती हैं,
लेकिन एक मां और बेटी के बीच का रिश्ता कुछ खास ही होता है।

कभी माँ हीं मेरी पूरी दुनिया हुआ करती थी,
मेरे साथ खेलने वाला खिलौना हुआ करती थी,
माँ कभी मेरा पलना, तो कभी बिस्तर हुआ करती थी,
मैं उसके पीछे चलता था, वो हीं मेरा रह गुजर हुआ करती थी।

यूं ही नहीं गूंजती किल्कारीयां‬ घर आँगन‬ के हर कोने मे,
जान ‎हथैली‬ पर रखनी‪ पड़ती है ‘माँ’ को ‘‪माँ‬’ होने मे।

सब कुछ मिल जाता है दुनिया में मगर,
याद रखना कि बस माँ-बाप नहीं मिलते,
मुरझा कर जो गिर गए एक बार डाली से,
ये ऐसे फूल हैं जो फिर नहीं खिलते।

बाप चाहे अमीर हो या गरीब, अपनी,
औलाद के लिए वो बादशाह ही होता है।

भुला के नींद अपनी सुलाया हमको,
गिरा के आँसू अपने हँसाया हमको,
दर्द कभी ना देना उन हस्तियों को,
खुदा ने माँ बाप बनाया जिनको।

फूल कभी बार बार नहीं खिलते जीवन कभी बार बार नहीं मिलता,
मिलने को तो बहुत से लोग मिल जाते है,
लेकिन हज़ारो गलतियों को माफ़ करने वाले माँ बाप नहीं मिलते।

जन्नत का हर लम्हा, दीदार किया था,
गोद मे उठाकर जब माँ ने प्यार किया था।

सूखते ही पत्ते पेड़ को छोड़ देते है,
माँ-बाप के बूढ़े होते ही बच्चे रिश्ते तोड़ देते है।

क्या बोलूँ अपने पापा के बारे में,
बस इतना बता सकती हुकी,
पापा ने मेरी कोई खुवाईश आज तक,
अधूरी नहीं रहने दी।

घर में सब अपना प्यार दिखाते हैं,
पर कोई बिना दिखाए भी,
इतना प्यार क्यों किये जा रहे हैं वो हैं मेरे पापा,
अब्बू मेरा दिल।

ना कोई गाड़ी, ना कोई बंगला चाहिये,
बस सलामत रहे माँ-बाप, ऐसी दुआ चाहिये।

बड़े होते ही बच्चे हाथ छोड़ देते है,
साठ पर क्या गए माँ-बाप ये साथ छोड़ देते है।

कैसे करुँ मैं तारीफ अपनी माँ की,
मेरे शब्दों में इतना जोर नहीं,
वैसे तो बहुत रिश्ते है इस जग में,
पर मेरी माँ जैसा कोई और नहीं।

फना करदो अपनी सारी ज़िन्दगी,
अपनी ‘माँ’ के कदमो में यारो,
दुनिया में यही एक मोहब्बत है,
जिसमे बेवफाई नहीं मिलती।

माँ की परछाई और बाप का ख़्वाब होती है,
बेटियां, भुलाई ना जा सके जो वो खूबसूर्रत याद होती है बेटियां।

माँ और बाप वो हस्ती है,
जिनके प्यार मे रब की,
रहमत बरसती है।

नन्ही सी परी को उसने गोद में खिलाया होगा,
हर दुःख-दर्द से उसे बचाया होगा,
ना जाने कितने आंसुओं को दफन कर,
उसके पिता ने कन्यादान का फर्ज निभाया होगा।

माँ-बाप की एक आह पर छुप-छुप कर रोती है बेटियां,
फिर भी आज के दौर में गर्भ में जान खोती है बेटियां।

टुकड़ों में बिखरा हुआ किसी का जिगर दिखाएँगे,
कभी आना भूखे सोए बच्चों के माँ बाप से मिलाएँगे।

अपनेपन का पाठ वो सिखाते हैं,
आखिर पिता हैं वो इसलिए बस प्यार की बात वो बताते हैं।

पता नहीं क्या जादू है मेरी माँ के पैरों में,
जितना झुकता हूँ उतना ही ऊपर जाता हूँ।

खिलती हुई कलियाँ हैं बेटियाँ,
माँ-बाप का दर्द समझती हैं बेटियाँ,
घर को रोशन करती हैं बेटियाँ,
लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियाँ।

मातृशक्ति यदि नही बची तो बाकी यहाँ रहेगा कौन,
प्रसव वेदना, लालन-पालन सब दुःख-दर्द सहेगा कौन,
मानव हो तो दानवता को त्यागो फिर ये उत्तर दो इस,
नन्ही से जान के दुश्मन को इंसान कहेगा कौन।

बाप बेटी को कंधे पर बैठकर दुनिया दिखता है,
और माँ का हाथ पीछे उसे मुसीबतों में गिरने से बचता है।

मुझे छाओं में रखा,
खुद जलता रहा धुप में,
मैंने देखा है एक फरिश्ता,
मेरे पिता के रूप में।

इज्जत भी मिलेगी तुम्हे दौलत भी मिलेगी,
खिदमत करो माँ-बाप की जन्नत भी मिलेगी।

तलाकशुदा या विधवा बेटीपर किया हुआ,
खर्च सबसे बेहतरीन दान /पुण्य का काम है।

फूलों सी कोमल हृदय वाली होती हैं बेटियाँ,
माँ बाप की एक आह पर ही रोती हैं बेटियाँ,
भाई के प्रेम में खुद को भुला देती हैं अक्सर,
फिर भी आज गर्भ में जान खोती हैं बेटियाँ।

मां समझे बेटी को सबसे बेहतर,
रखे उसे खूब संजोकर।

किस्से बहुत मशहूर है आशिक़ और मेहबूबा की जुदाई के,
मगर दर्द कम नहीं मिलते हैं माँ-बाप और बेटी की विदाई में।

माँ से रिश्ता कुछ ऐसा बनाया,
जिसको निगाहों में बिठाया जाए,
रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा की,
वो अगर उदास हो तो हमसे भी मुस्कुराया न जाये।

बहुत बेचैन हो जाता है जब कभी दिल मेरा,
मैं अपने पर्स में रखी माँ की तस्वीर को देख लेता हूँ।

एक बेटी वह है जिसके साथ आप हंसते हैं,
सपने देखते हैं, और पूरे दिल से प्यार करते हैं।

बेटी होने का कर्ज चुकाया,
अब बहू होने का फर्ज निभा रही है,
आज भी कहीं किसी कोने में वो,
छुपकर अपने सारे ख़्वाब छुपा रही है।

माँ-बाप की दुलारी-बेटियाँ ओस की बूंद-बेटियाँ,
दिल का टुकड़ा है-बेटियाँ घर की रौनक है-बेटियाँ,
सच्चा मोती है-बेटियाँ माँ का श्रृंगार है-बेटियाँ,
पिता जा गर्व है-बेटियाँ 2-2 कुल की लाज है-बेटियाँ,
घर का ताज है-बेटियाँ।

अभी भी चलती है,
जब आंधी कभी गम की,
माँ की ममता,
मुझे बाँहों में छुपा लेती है।

साथ में अपने खुशियों की सौगात लाई है,
नन्ही सी परी आज तुम्हारे घर पर आई है।

सब ने पूछा बहु दहेज़ में क्या-क्या ले आई,
किसी ने ना पूछा बेटी क्या-क्या छोड़ आई।

खिलती हुई कलियाँ हैं बेटियाँ,
माँ-बाप का दर्द समझती हैं बेटियाँ,
घर को रोशन करती हैं बेटियाँ,
लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियाँ।

आसान नहीं होता रूह को तन से जुदा करना,
बड़ा मुश्किल होता है माँ-बाप के लिए बेटी को विदा करना।

एक बेटी वह होती है जो आपके दिल,
को प्यार से और आपके दिन खुशी से भरती है।

बाकी रिश्ते होते होंगे मतलब के मतलब से,
माँ-बाप और बेटी का रिश्ता तो दिल से दिल का होता है।

अपना एक ख्वाब पूरा करने के लिए,
वो बहुतों के ख्वाब तोड़ देते है,
बड़ी कम्बख्त होती हैं वो औलादे,
जो महबूब के लिए माँ-बाप को छोड़ देते है।

बेटी भी रखती है अपने माँ-बाप को आगे अपने आप से पहले,
सो नहीं पाते हैं माँ-बाप भी बेटी के ख़्वाब से पहले।

भगवान ने खुश होकर कहा कि तुझे ये सारा संसार मिले,
मैंने भी मुस्कुराकर कह दिया,
संसार नहीं मुझे सिर्फ माँ कि दुआ और पापा का प्यार मिले।

दिल से निभाता रहा मैं इश्क़ की रस्मों को,
पर खुदगर्ज़ी में भला कैसे तोड़ देता माँ-बाप की कसमों को।

आँख खोलू तो चेहरा मेरी माँ का हो,
आँख बंद करते ही सपना मेरी माँ का हो,
मुझे मरने का भी गम नहीं,
लेकिन कफ़न मिले तो दुपट्टा मेरी माँ का ही हो।

शादी से पहले जो साथ साथी बन कर माता पिता देता है,
शादी के बाद वह साथी पति हो जाता है।

उन माँ-बाप को नींद कैसे आए भला,
जिसकी बेटी के सपने अधूरे हों।

माँ बाप का दिल जीत लो कामयाब हो जाओगे,
वरना सारी दुनिया जीतकर भी तुम हार जाओगे।

शौक तो माँ-बाप के पैसो से पूरे होते हैं,
अपने पैसो से तो बस ज़रूरतें ही पूरी हो पाती हैं।

माँ ममता की मूरत है,
पापा त्याग की सूरत है।

यह तुम्हारे वही मां-बाप है जो तुम्हारे बचपन में एक ही सवाल को,
10 बार पूछने पर 10 ही बार जवाब देते थे।

वो कैसे राक्षस होते हैं जो बेटियों को कोख में ही मरवाते है,
दुःख की बात ये है की ये राक्षस भी कोख से ही आते हैं,
आज उस पिता की पलकें ख़ुशी और गम में भीगी थीं,
क्यूंकि आज उसकी बेटी की विदाई थी जो घर को कल तक महकाती थी।

मेरे पिता का एहसास सूरज की,
भांति हैं, जो गर्म जरुर होता हैं,
लेकिन अगर ना हो तो,
अँधेरा छा जाता हैं।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा बेटी और माँ-बाप कोट्स आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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