Retirement Quotes in Hindi | रिटायरमेंट पर अनमोल विचार

Retirement Quotes in Hindi: दोस्तों आज के इस लेख में हम रिटायरमेंट पर अनमोल विचार आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की रिटायरमेंट पर अनमोल विचार आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा रिटायरमेंट पर अनमोल विचार पसंद आएगा।

Retirement Quotes in Hindi

retirement quotes in hindi

रिटायरमेंट बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि इस समय में,
आप कोई भी चिंता किए बिना कुछ भी कर सकता हैं।

उदास क्या होना बदहवास क्या होना,
फ़ूल का तो मुकद्दर है डाली से जुदा होना।

दस्तूर है जमाने का यह पुराना,
लगा रहता है यहां आना और जाना,
रहो जहां अपनी छाप ऐसे छोड़ जाना,
हर कोई गुनगुनाता रहे आपका ही तराना।

आप जो कुछ भी चाहते हो रिटायरमेंट होने के बाद,
वो सब करने का आपके पास पर्याप्त समय नही होता है।

विदाई तो है एक दस्तूर पुराना,
पर जहा भी जाना,
अपनी छाप कुछ ऐसे छोड़ जाना,
की हर कोई गुनगुनाए आपका ही तराना।

आपके जैसा टीचर नहीं कोई,
आपके जैसा सज्जन नहीं कोई,
आपको आज विदा तो हम कर देंगे
लेकिन आपके जैसे दूजा नहीं कोई।

मैं सिर्फ अपनी कंपनी से रिटायरमेंट नहीं हुआ हूं बल्कि मैं अपनी चिंताओं,
अलार्म घड़ी और प्रेस से भी रिटायरमेंट हुआ हूं।

दफ्तर सिंह विदा हो रहा हूं,
लाइफ से नहीं यूं तो बहुत कुछ दिया,
तूने मुझे लेकिन अब मैं तुझे कुछ लौटाने आया हूं,
हर वह सीख है तरबूजे के लिए शुक्रगुजार हूं,
बस लाने के लिए जिंदगी में आपसे मिलने आया हूं।

हमें खुशी हैं की आप अब जा रहे हैं और अब,
हमारे जैसा परेशान करने वाला अब कोई नहीं होगा।

मैं सिर्फ अपनी कंपनी से रिटायर्ड नहीं हुआ हूं,
बल्कि मैं अपनी चिंताओं,
अलार्म घड़ी और प्रेस से भी रिटायर्ड हुआ हूं।

विदाई का वक्त है माहौल बड़ा ग़मगीन,
यही इच्छा है हमारी पूरी हो हर अभिलाषा,
आपकी।

तुम्हारी मंजिल तुम्हारा हौसला आजमाएगी,
तुम्हारे सपनो को तुम्हारी आँखों से हटाएगी,
कभी पीछे मुड़कर न देखना ए दोस्त,
रास्ते की ठोकर ही तुम्हे चलना सिखाएगी।

मेरे लिये रिटायरमेंट मतलब सुंदरता की खोज है,
क्योकि इस से पहले मैंने कभी मेरे बच्चो,
मेरे बीवी और मेरे दोस्तों की सुंदरता को नही निखारा है,
और इसके साथ ही रिटायरमेंट मतलब समय की सुंदरता को जानना भी है।

भोर गमगीन होकर, ख़बर लाई है,
दिन भी बैचेन है, धूप घबराई है,
आपको हम फेयरवेल, दे दें मगर,
दिल सुबकने लगा, आँख भर आई है।

यदि आप यह जानते हैं कि पैसे खर्च किए बिना,
अच्छा समय कहां व्यतीत किया जा सकता है,
तो आपके लिए रिटायरमेंट एक बहुत ही बेहतरीन नौकरी हो सकता है।

आप जैसा बड़प्पन, नहीं है कहीं, आप जैसा सरल मन,
नहीं है कहीं, आपको हम विदा, आज कर दें मगर,
सीनियर ऐसा सज़्ज़न, नहीं है कहीं।

हजारो मंजिले होगी,
हजारो करवा होंगे,
निगाहे आपको ढूंढेगी,
न जाने आप कहा होंगे।

मैं सोचता हूं की रिटायरमेंट का मतलब हमारी चिंताओं को,
दोगुना करना है जिसमें पहले हमें काम की चिंता होती है,
और अब हमें काम ना होने की चिंता होती है।

भले ही आप जा रहे हैं यहां से, पर शान हम बनाएंगे,
हमेशा ही विजेता रहने की, यही पहचान हम बनाएंगे,
गम न करो कि आपके जाने के बाद यहां क्या होगा,
कंपनी को ऊंचाई तक पहुंचाने की उड़ान हम बनाएंगे।

पथ दिखाकर हमें लो चले छोड़कर,
हाथ मंझधार में लो चले छोड़कर,
है बड़ा बेरहम यह विदाई का दिन,
हमारे सबके फेवरिट बॉस, लो चले हमें छोड़कर।

मै सोचता हु की रिटायरमेंट मतलब हमारी चिंता को दोगुना करना है,
जिसमे हमें पहले काम की चिंता होती है और फिर काम ना होने की चिंता होती है।

अगर हम रिटायरमेंट के बाद अपना ध्यान योगा अभ्यास,
व्यायाम और ईश्वर की सेवा में लगाएं तो दिन अच्छे निकलते हैं।

अजीब होते हैं आदाब-ए-रुख़स्त-ए-महफ़िल,
कि वो भी उठ के गया जिस का घर न था कोई।

हमने मांगा था साथ उनका,
गम दे गए, दे गए वो जुदाई,
हम यादों के सहारे जी लेते,
कसम दे गए रह जाती केवल तन्हाई।

अगर हम रिटायरमेंट के बाद अपना ध्यान योगा अभ्यास,
व्यायाम और ईश्वर की सेवा में लगाएं तो दिन अच्छे निकलते हैं।

भगवान के आशीर्वाद से आपकी सभी व्यक्तिगत,
आकाक्षाएं पूरी हो आप अपने समय का आन्नद ले,
जितना हो सके अपने सपनो को जियो।

मिलना बिछड़ना दुनिया की रीत है,
इस रीत को ख़ुशी से निभाते रहो पता नहीं,
कब किससे दिल मिल जाए,
जो भी मिले राहों में दोस्त बनाते रहो।

आपसे सद्गुरु, किस्मतों से मिले,
रौशनी भर गई, नूर से खिल उठे,
जीत जाएंगें हम, हमको है ये यकीं,
आपके मार्गदर्शन में, हम चल पड़े।

जब इंसान रिटायर होता है,
तो उसके लिये समय का कोई मूल्य नही होता,
इसीलिए उसके सहकर्मी उसे एक घडी उपहार स्वरुप देते है।

सुरक्षित से जिस अनुभव की छत छाया में वक्त की,
आंधी ने आज फिर उड़ा दिया है एक आवरण मेरा।

टीचर जी हमारे आँगन को,
छोड़कर जा रहे हो आप,
जीवन में सदा खुश रहो,
यही है हमारी प्रभू से आस,
अपनी खुशबू से महकातो रहो,
सबकी बगिया को आप।

मै सिर्फ अपनी कंपनी से ही रिटायर नही हुआ हु,
बल्कि मै अपनी चिन्ताओ,
अलार्म घडी और मेरी प्रेस से भी रिटायर हो चूका हु।

अब मुझ को रुख़्सत होना है अब मेरा हार-सिंघार करो,
क्यूँ देर लगाती हो सखियो जल्दी से मुझे तय्यार करो।

मै सोचता हु की रिटायरमेंट मतलब हमारी चिंता को दोगुना करना है,
जिसमे हमें पहले काम की चिंता होती है और फिर काम ना होने की चिंता होती है।

आप जैसा बड़ा पन ना हैं कही,
आप जैसा कोमल दिल नही है कही,
आपका बिछोह कर दे आज हम,
मगर सीनियर जैसा सज्जन नही है कही।

थे कदम के निशां, बेहिचक चल पड़े,
थामते आये हैं, हम अगर गिर पड़े,
जिनसे सीखा उन्हें, कैसे कर दें विदा,
क्या बड़ी बात है, हम अगर रो पड़े।

समय की हो, छावं हों या तेज तूफान,
कुछ पांवों के निशान ना खोतें,
जिनकीं याद से महक उठें ये दिल,
वों लोग दूर होकर भी दिल के पास होते है।

होंगे जुदा ऐसी खबर आयी है,
दिल भी है बेचैन सासे थम आयी है,
देंगे हम आपको रिटायरमेंट की पार्टी,
होने लगी है बेचैनी और आखे भर आयी है।

बहुत सीखा आपसे और नए-नए काम मिले,
आपने हमेशा यही चाहा कि हमें नई पहचान मिले,
सच कहूं, तो कुछ नहीं था मैं आपसे मिलने से पहले,
निकले थे सफर पर एक ही और तज़ुर्बे तमाम मिले।

रिटायरमेंट बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि इस समय में,
आप कोई भी चिंता किए बिना कुछ भी कर सकता हैं।

आप जैसा सज्जन कहीं नहीं है,
आपके जैसा सरल मन कहीं नहीं है,
आपको हम विदाकर दें मगर,
सीनियर जैसा धन कहीं नहीं है।

अब मुझ को रुख़्सत होना है अब मेरा हार-सिंघार करो,
क्यूँ देर लगाती हो सखियो जल्दी से मुझे तय्यार करो।

ये घर मिरा गुलशन है गुलशन का ख़ुदा हाफ़िज़,
अल्लाह निगहबान नशेमन का ख़ुदा हाफ़िज़।

मैं कितना ख़ुशनसीब हूँ कि मेरे पास कोई ऐसी चीज़ है,
जिसे अलविदा कहते हुए मुझे दुःख होता है,
और उसे अलविदा कहना मेरे लिए मुश्किल हो जाता है।

क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त क्यूँ,
गम को बाँट लेते हैं दोस्त ना रिश्ता खून,
का ना रिवाज से बंधा हैं फिर भी जिंदगी,
भर साथ देते हैं दोस्त दिल से दोस्ती के लिए।

होंगे जुदा ऐसी खबर आई है,
दिल भी है बेचैन, साँसे थम आई है,
देंगे हम आपको फेयरवेल की पार्टी लेकिन,
दूर होने की है बेचैनी और आँखे भर आई है।

अपनी अनमोल शिक्षा को,
खेल खेल से हमें सिखाया,
संस्कारों का पाठ पढ़ाया,
सही गलत का ज्ञान कराया।

जब आप रिटायर होते है,
तो आप अपने नए बॉस के पास जाते हो,
पहले आप उस बॉस के पास होते हो जिसने आपको ख़रीदा है,
अब आप उस बॉस के पास रहोगे जिससे आपने शादी की है।

ऐसा नहीं कि हम, सहते नहीं हैं,
बस दिल का दर्द, हम कहते नहीं है,
जब से आपकी विदाई की ख़बर सुनी है,
बस तबसे हम, थोड़ा खुश रहते नहीं हैं।

आपके साथ सब पहेलियाँ हल हो गई,
आप थे तो ह्वा सारे छ्ल हो गये,
हम अंकेले चले तो बहुत ख़ार थे,
आपकें साथ राहों में सब गुल होगये।

ये रब ही जाने कि क्या क्या, ख़्याल अब होगा,
ये तय है मन में सभी के, सवाल अब होगा,
आप तो जान की मानिंद, हैं हम सबके लिये,
आप के बिन यहाँ सभी का, हाल क्या होगा।

हर फूल बाग़ में लगाए नहीं जाते,
हर लोग महफ़िल में बुलाए नहीं जाते,
कोई तो पास होकर भी याद नहीं आता,
कुछ दूर होकर भी भुलाये नहीं जाते।

रिटायरमेंट का दिन वो दिन होता है,
जब आप काम से लौटते हैं और,
अपनी प्रिय पत्नी से कहते हैं,
अब मै हमेशा तुम्हारी सेवा में हाजिर हूं।

होंगे जुदा ऐसी कोई खबर है,
दिल बेचैन है साँसे थम आई है,
देंगे हम आपको विदाई की पार्टी लेकिन,
बेचैनी होने लगी है और आँखे भर आई है।

नया जीवन नया आश्रम नहीं अभी ना सही,
नया लक्ष्य नया कदम नई मंजिलें नई रुकावटें,
नया कुछ छुटने की यादें कुछ अपनों से तो कुछ खुद के लिए नहीं वादे।

हम आपको विदा तो नहीं करना चाहते,
पर हम आपको रोक भी नहीं सकते,
बस ईश्वर से यही प्रार्थना है वो आपको सदा खुश

एक काम का अंत और एक की शुरुआत है,
खुश रहो आप सदा अब गम की क्या बात है,
सीखा दिया है जीने की सलीका जाते जाते,
आप में ही बसती हमारी पूरी कायनात है।

खुबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता हैं,
जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता हैं,
कुछ लोग जिंदगी में मिलते हैं ऐसे जिनसे कभी,
ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता हैं।

अलविदा शब्द सिर्फ उन लोगों के लिए होता है,
जो केवल आँखों से प्रेम करते हैं,
मन से प्रेम करने वालों के लिए अलविदा जैसा कोई शब्द नहीं होता है।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा भीमराव अंबेडकर के अनमोल वचन आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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