Kismat Quotes in Hindi | किस्मत कोट्स हिंदी में

Kismat Quotes in Hindi : दोस्तों आज के इस लेख में हम किस्मत कोट्स हिंदी में आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह के किस्मत कोट्स हिंदी में आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा किस्मत कोट्स हिंदी में पसंद आएगा।

Kismat Quotes in Hindi

Kismat Quotes in Hindi

अकल कितनी भी तेज ह़ो,
नसीब के बिना नही जित सकती,
बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद,
कभी बादशाह नही बन सका।

मेरी किस्मत में लिखा सब मिटता चला गया,
एक वो दूर क्या गया हर सपना टूटता चला गया।

हाथों की लकीर, किस्मत और नसीब,
जवानी में ऐसी बातें लगती है अजीब,
कर्म करके तू लिख दे अपना नसीब,
दुनिया भी कहे इंसान था वो अजीब।

अपनी तक़दीर खुद ही लिखनी होगी,
ये चिठ्ठी नहीं जो दूसरों से लिखवा लोगे।

तुम मिले तो यूँ लगा हर दुआ कुबूल हो गयी,
काँच सी टूटी किस्मत मेरी हीरों का नूर हो गयी।

किस्मत कहां इंसान को मारती है,
झूठे रिश्ते ही इंसान को बुरी तरह मारते है।

लिखा क़िस्मत में जो उसने वही बस हक़ से पाया है,
न पाया हक़ से गर होगा बला देगी यही दुनिया

खुद में ही उलझी हुई हैं जो मुझे क्या सुलझायेगीं,
भला हाथों की चंद लकीरें भी क्या किस्मत बताएगीं।

झूठी तसल्लियों के सिवा कुछ ना दे सका,
वो क़िस्मत का देवता भी शायद ग़रीब था।

तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे,
मेरे दोस्त की तकदीर में मुस्कान लिख दे,
जिन्दगी में ना मिले कभी दर्द उनको,
तू चाहे तो उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे।

अज में बहुत दुखी हु, किसको बतायु इस दुखको,
कोण मुझे हेल्प करेगा, कोई नही,
ये दुनिए बहती बेरह्हम हैं,
हर पल सिर्फ नसीब में दुःख को दे जाता हैं।

क़िस्मत की लकीरें काफी छोटी होती हैं,
आप इन पर चल कर दूर तक नहीं जा सकते हैं,
अगर आपको दूर तक जाना है,
तो आपको मेहनत की सड़क पर चलना होगा।

कंधों पर उम्मीदों का एक बोझ है,
साहब, हार जाता हूं हर बार,
पर जीतना एक रोज है।

लेके अपनी-अपनी क़िस्मत,
आए थे गुलशन में गुल,
कुछ बहारों में खिले,
कुछ ख़िज़ाँ में खो गए।

आँखें बंद करते ही सामने चली आती है,
जो ख्वाबों में आकर मुझे जगाती है,
जो असलियत में किसी गैर को चाहती है वो।

किस्मत की लकीरे मुझे खुद बनानी है,
बात ये पुरानी है पर,
मुझे पूरी करके दिखानी है।

न कसूर इन लहरों का था,
न कसूर उन तूफानों था,
हम बैठ ही लिये थे उस कश्ती में,
नसीब में जिसके डूबना था।

किस्मत को और दूसरों को कोसना क्यूँ?
जब सपने हमारे हैं, तो उसके लिए जी तोड़,
कोशिश भी हमारी ही होनी चाहिए।

यदि भाग्य ईश्वर के हाथों लिखा होता तो,
सबसे अच्छा हमारा ही होता,
मगर भाग्य तो हमारे कर्मों व इच्छाओं द्वारा लिखे जाते है,
ईश्वर की इच्छा से नही।

तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है।

मत बैठ भरोसे क़िस्मत के,
क्यूंकि किस्मत और गिरगिट में फ़र्क़ नहीं होता,
ये बदलते रहते हैं।

करने जाता हु कम,मगर मिल नही पता हैं,
सोफोलता, क्या हैं,
एसा काम जिसपे,मेरे नसीब नही पा सकता ओ-सोफोलता।

कुछ तो रेत की प्यास बुझाओ जनम जनम की प्यासी है,
साहिल पर चलने से पहले अपने पाँव भिगो लेना।

मुझे हाथ की रेखाओं पर इसीलिए,
विश्वास नहीं है,
कैद ये मेरी मुठ्ठी में है,
क्या खोलेगी किस्मत मेरी।

दिमाग पर जोर डालकर गिनते हो गलतियाँ मेरी,
कभी दिल पर हाथ रख कर पूछना की कसूर किसका था।

क्या खूब मैनें किस्मत पाई है,
खुदा ने कहा हंसकर,
संभाल कर रख पगले,
ये मेरी पसंद है जो तेरे,
हिस्से में आई है।

मेरी बेपनाह मोहब्बत का नज़राना हो तुम,
मेरी चमकी हुई किस्मत का खज़ाना हो तुम।

मेरे दिल से मैंने पूछा,
हर बार तूने क्यों ठोकर खाई है,
दिल ने भी मुस्कुरा कर कहा,
तुमने बुरी किस्मत पाई है।

जैसे बिछड़ने की जल्दबाजी हो,
मिलकर भी ऐसे बिछड़ना हुआ,
जैसे कायनातए किस्मत की जालसाजी हो।

उस के बा’द बहुत तन्हा हो जैसे जंगल का रस्ता,
जो भी तुम से प्यार से बोले साथ उसी के हो लेना।

अब किस्मत पर कैसा भरोसा जनाब,
जब जान से प्यारे लोग बदल गए,
तो किस्मत भी एक दिन बदल जाएगी।

जो भाग्य में है, वह कहीं से भी भाग कर आयेगा,
और जो भाग्य में नहीं है,
वह आकर भी भाग जायेगा,
फिर चिंता किस बात की ?
आप केवल अपना कर्म करते रहे।

क्या नसीब स्टेटस है,
हर दुःख को प्रकाश कर न हैं,
हर ख़ुशी को प्रोकाश करने,
क्या नसीब स्टेटस है,जो कभी नही चोरता हैं।

अगर यकीन होता कि कहने से रुक जाएंगे,
तो हम भी हँसकर उनको पुकार लेते,
मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,
कि हम भी दो पल खुशी से गुजार लेते।

जिस इंसान की किस्मत अच्छी होती है,
जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिसके हैं वो हमारा हो
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती है,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।

अब खुद का मज़ाक,
खुद ही बना लेते हैं,
जहाँ कामयाब नहीं हो पाते,
वहां बदकिस्मत बता देते हैं।

कटेंगे पर मेरे फिर भी मेरी परवाज बोलेगी,
मेरी खामोशियों में मेरी आवाज बोलेगी,
कहाँ तक तुम मिटाओगे मेरी हस्ती मेरा जज्बा,
ये मिट्टी जर्रे जर्रे से मुझे जांबाज बोलेगी।

जिंदगी की सारी खुशियां,
उसके कदमों में होती हैं।

कभी किस्मत, कभी वक़्त पर इल्ज़ाम,
कभी गलती सितारों की तो कभी दूसरों का नाम,
कितने पर्दे हाज़िर हैं यहां,
ख़ुद को छुपाने के लिए।

हमने आज तक जिसको भी चाहा है,
वो हर बार किसी और के हिस्से में आया है,
हमारी किस्मत इतनी बदकिस्मत है कि,
मेरे अपनों ने भी गैरों का साथ निभाया है।

किसी को प्यार करना और उसी,
के प्यार को पाना,ये किसी किस्मत,
वाले कि किस्मत में ही होता है।

जिंदगी तस्वीर भी है और तकदीर भी,
फ़रक तो बस रंगों का हे,
मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर,
और अनजान रंगों से बने तो तकदीर।

रोते क्यूँ हो दिल वालों की क़िस्मत ऐसी होती है,
सारी रात यूँही जागोगे दिन निकले तो सो लेना।

वक्त और समझ दोनो किस्मत वालो को मिलता हैं,
क्योकि जब वक्त हो तब समझ नही होती,
और जब समझ आती है तब वक्त नही होता।

विचार दर्शन के लिए नेतृत्व करते हैं,
आगे बढ़ते हुए, काम बनाया जाता है,
काम आदतों को बनाता है,
आदतें लक्ष्य या जीवन के चरित्र बनाती हैं,
और चरित्र हमारी नियति स्थापित करता है।

रिश्ता निभाने की,
तहजीब कहां होती है,
चाहत हर किसी को,
नसीब कहां होती है।

छत कहाँ थी नसीब में,
फुटपाथ को ही जागीर समझे,
छालों से कटी हथेली,
हम किस्मत की लकीर समझे।

बुरे से बुरे के लिए तैयार रहो,
सर्वोत्तम कि आशा करो और जो आ जाए,
उसकों स्वीकार करो, यही भाग्यवाद हैं।

मुझ में और किस्मत में हर बार बस यही जंग रही,
मैं उसके फैसलें से तंग और वो मेरे हैसले से दंग रही।

लोग आस छोड़ कर अगर कुछ काम पकड़ लेते तो,
आज सोच से भी ज्यादा उनके पास होता।

न कोई किसी से दूर होता हैं,
और न कोई किसी के पास होता हैं,
चल कर आता हैं प्यार खुद उसके पास,
जब किसी का नसीब होता हैं।

मेहरबानी जाते-जाते मुझपे कर गया,
गुज़रता सा लम्हा एक दामन भर गया तेरा नज़ारा मिला,
रौशन सितारा मिला तक़दीर की कश्तियों को किनारा मिला।

मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी कायदा हो,
देर से किस्मत खुलने वालो का दुगुना फायदा हो।

मेहरबान हमपे हर एक रात हुआ करती थी,
आंख लगते ही मुलाकात हुआ करती थी।

कुछ तेरी फ़ितरत में नहीं थी वफ़ादारी,
कुछ मेरी किस्मत में बेवफ़ाई थी,
वक़्त को क्या दोष दूँ,
वक़्त ने तो बस मुहोब्बत आजमाई थी।

किस्मत के दरवाज़े पर खड़े रहने का कोई फायदा नहीं,
क्यूंकि उसकी चाबी आपके पास नहीं होती,
इस से बेहतर है की हम अपना दरवाज़ा खुद बना लें।

फिर किस्मत ने जमकर,
मजाक उड़ाया उनका,
कसमे वादे लिए थे,
उन्होने साथ जीने मरने के।

यदि भाग्य ईश्वर के हाथों लिखा होता,
तो सबसे अच्छा हमारा ही होता,
मगर भाग्य तो हमारे कर्मों व इच्छाओं द्वारा लिखे जाते है,
ईश्वर की इच्छा से नही।

मेरी तकदीर को बदल देंगे मेरे बुलंद इरादे,
मेरी किस्मत नहीं मोहताज मेरे हाँथों की लकीरों का।

मेरा कसूर नहीं जे मेरी किस्मत का कसूर है,
जिसे भी अपना बनाने की कोशिश करता हूँ,
वो ही दूर हो जाता है।

चाँद का क्या कसूर अगर रात बेवफा निकली,
कुछ पल ठहरी और फिर चल निकली,
उन से क्या कहे वो तो सच्चे थे,
शायद हमारी तकदीर ही हमसे खफा निकली।

जो किस्मत में लिखा है वह भाग के आएगा,
और जो नही लिखा है वह भाग कर चला जाएगा,
फिर खुश या दुखी होने की क्या आवश्यकता है,
आप अपने कर्म करते रहों।

मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे,
प्यार का जहाँ है बहारों से आगे,
वो मस्तानो की कश्ती जब बहने लगी,
तो बहते बह गई किनारों से आगे।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा किस्मत कोट्स हिंदी में आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।