Alone Cry Sad Quotes in Hindi | अकेलापन पर कोट्स

Alone Cry Sad Quotes in Hindi : दोस्तों आज के इस लेख में हम अकेलापन पर कोट्स आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की अकेलापन पर कोट्स आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा अकेलापन पर कोट्स पसंद आएगा।

Alone Cry Sad Quotes in Hindi

alone cry sad quotes in hindi

मैं अकेला नहीं हूँ पर तुम्हारे बिना अकेलापन है।

बह जाती काश यादें भी,
आँसुओ के साथ,
तो एक दिन हम भी,
रो लेते तसल्ली से बैठ कर।

मै वैसा इंसान थोड़ा ही हू,
जो सब को पसंद आ जाऊ,
मैं भगवान थोड़ा ही हू।

मैं अकेला नहीं हूँ अकेलापन हमेशा मेरे साथ रहता है।

अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी,
लोग तसल्लियाँ तो देते है पर साथ नहीं।

यह मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा।

ना जाने कौन से मोड़ पर,ले आयी है ये ज़िन्दगी,
ना रास्ता है ना मंजिल है,बस जिए जा रहे हैं।

अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे,
क्यूँ तन्हा से हो गए हैं तेरे जाने के बाद।

जिससे हम सबसे ज़्यादा मोहब्बत करते हैं ना,
उसमे सबसे ज्यादा ताकत होती है दिल तोड़कर रुलाने की।

अलविदा कहना बहुत कठिन है,
लेकिन हमारे पास जो समय था,
उसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।

टूटे हुवे सपनो और रूठे हुवे अपनों ने आज उदास कर दिया,
वरना लोग हमसे मुस्कराने का राज पुछा करते थे।

ऐसे समय होते हैं जब मैं चाहता हूं कि,
मैं घड़ी को वापस कर दूं और सभी दुखों को,
मिटा दूं, लेकिन मुझे डर है कि अगर मैंने किया,
तो मैं भी सारी खुशी मिटा दूंगा।

चल तुझे दिखाओ अपने सहेर की वीरान गलियां,
सायद के तुझे एहसास हो मेरी तन्हाइयों का।

रुलाया मत कर ए ज़िन्दगी,
यहाँ चुप करने वाला कोई नहीं है।

बड़े ही अजीब हैं ये ज़िन्दगी के रास्ते,
अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते हैं,
मिलने की खुशी दें या न दें,
मगर बिछड़ने का ग़म ज़रूर दे जाते हैं।

ब भी मै सुकून के बारे में सोचता हू,
तो मुझे बस तेरी बाहों का ही ख्याल आता है।

ना मंजिल मिली ना मिला हमसफर,
फिरता रहा मैं जमाने,
में तन्हा और दरबदर।

सरकारी नौकरी से ही विवाह करना था,
तो हमें पहले बताते हम इश्क नहीं तैयारी करते।

तन्हाई में चलते चलते,
अब पैर लडखडा रहे हैं,
कभी साथ चलता था कोई,
अब अकेले चलें जा रहे हैं।

क्या थी मेरी गलती जो मुझे अकेला छोड़ गयी तू,
बिना सोचे मुझे क्यों इतना तनहा छोड़ गयी तू।

ये दरवाजें पे अजीब खटपट है,
उनकी याद जैसे थाप दे रही हो,
कह दो उससे वहीं से लौट जाए,
आएगी फिर और मेरी आंख नम कर जाएगी।

अकेले ही गुजरती है ज़िन्दगी,
लोग तसल्लियाँ तो देते हैं,
पर साथ कोई नहीं देता।

मैने आज तक हर रिश्ते दिल,
से और सच्चाई से निभाये हैं,
लेकिन मिला कुछ भी नहीं,
आंसुओ के सिवा।

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है।

नफ़रत नहीं है तुमसे,
लेकिन अब मोहब्बत भी नहीं है,
बिछड़ने का गम बहुत है
मगर अब मिलने की चाहत भी नहीं है।

वो तो अपनी एक आदत भी बदल न सके,
ना जाने क्यों उसके लिए मेने अपनी ज़िंदगी बदल दी।

एक दिन हमारी आँखों ने भी,
थक कर हमसे कह दिया,
ख्वाब वो देखा करो जो पुरे हो,
रोज़ रोज़ हमसे रोया नहीं जाता।

उन्हें चाहना हमारी कमज़ोरी है,
उनसे कह नहीं पाना हमारी मजबूरी है,
वो क्यू नहीं समझते हमारी ख़ामोशी को,
क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है।

ना आवाज हुई ना तामाशा हुआ,
बड़ी खामोशी से टूट गया, एक भरोसा जो तुझ पर था।

भीड़ में शामिल होना बहुत सरल है लेकिन,
अकेले आवाज़ उठाना बहुत मुश्किल है।

मैं उन सभी सुखद क्षणों के बारे में सोचने की कोशिश करता हूँ,
जिन्हें हमने बिताया था, लेकिन मुझे याद है कि वो सभी दुखद हैं।

अकेले ही सहना अकेले ही रहना होता है,
अकेलेपन का हर एक आँसू,
अकेले ही पीना होता है।

पता नहीं अब मेरा दिल कभी तैयार होगा,
मुझे तेरे सिवा अब किसी और से प्यार नहीं होगा।

हर रोज बहक जाते हैं मेरे कदम,
तेरे पास आने के लिये,
ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है,
तुमको पाने के लिये।

रोते हैं तन्हा देखकर मुझको वो रास्ते,
जिनपर तेरे बगैर मै गुजरा कभी न था।

मुझे अकेला रोते देख मेरी आँखों के गिरते आँसू ने भी कह दिया,
आज भी बेमिसाल प्यार करते हो तुम उनसे।

जीवन में अकेले रहना,
इतना आसान भी नहीं।

कई बार ये जिंदगी,
ऐसे मोड़ पर लेकर खड़ा कर देती हैं,
की अगर बातें बोल दी जाये,
तो रिश्ते मर जाते हैं,
और अगर दिल में रख ली जाये,
तो इंसान खुद मर जाता है।

तनहाई को जवाब करारा दिया है,
खुद को तेरी यादो का सहारा दिया है।

न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

बिछड़ गए हैं जो उनका साथ क्या माँगू,
ज़रा सी उम्र बाकी है,
इस ग़म से निजात क्या माँगू,
वो साथ होते तो होती ज़रूरतें भी हमें,
अपने अकेले के लिए कायनात क्या माँगू।

जगमगाते शहर की रानाइयों में क्या न था,
ढूँढ़ने निकला था जिसको बस वही चेहरा न था,
हम वही, तुम भी वही, मौसम वही, मंज़र वही,
फ़ासले बढ़ जायेंगे इतने मैंने कभी सोचा न था।

इस कदर अकेले रहने,
की आदत हो गई है,
की भरी महफिल में,
भी खुद को तन्हा पाते है।

उदासी और क्रोध आपको अधिक रचनात्मक महसूस करा सकते हैं,
और रचनात्मकता आपको अपने दर्द या,
नकारात्मकता को दूर करने में मदद कर सकती है।

आज सोया बहुत हूँ आज रोया बहुत हूँ,
पाया कुछ भी नहीं मैंने,
खोया बहुत हूँ।

कभी किसी से बात करने की आदत मत बना लेना,
क्योंकि,
जब वह बात करना छोड़ देता है,
तो जीना मुश्किल हो जाता है।

मैं जानता हूँ कि तुमने मुझे छोड़ दिया है,
पर ये समझ नहीं आता कि मैं,
अब भी तुहारा इंतज़ार क्यों करता हूँ।

छोड़ दिया ना अकेला मुझे मेरे हाल पे,
क्या झूठे थे वो कसमें वो वादे,
असल में क्या थे तुम्हारे इरादे।

मुझको मेरी तन्हाई से अब शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी मोहब्बत नहीं है।

हमने कोशिश की वक़्त को बदलने की,
पर क्या पता था ये मेरी ज़िन्दगी ही बदल डालेगा।

फिर से मत आना इस पुराने दिल के दरवाज़े पे,
तोड़ दिया वो पुराना दिल का दरवाज़ा और लिख दिया leave me alone.

कोई मुझसे अक्सर कहता था मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं,
आज मांगा मैंने साथ उसका कहा- ‘मैं आज तकलीफों के हाथ हूं’,
उसने भी क्या खूब कहा- ‘सुनो बाद में बात करता हूं,
अभी मैं किसी और के साथ हूं।

जिन्हें पता होता हैं की अकेला पन क्या होता हैं,
ऐसे लोग दुसरो के लिए हमेशा हाज़िर रहते हैं।

अकेलापन एक ऐसा एहसास है,
जिसे आप महसूस करते हैं क्योंकि,
आपको लगता है कि कोई भी आपको पसंद नहीं करता है,
आपको ये जानने की जरूरत है कि अगर आप उन्हें मौका देंगे तो लोग आपको पसंद करेंगे।

यूं ही नहीं मेरी कलम बस किसी के लिए चलती है,
मौका कुछ खास हो कविता तभी दिल से निकलती है।

मैंने सबसे ज्यादा धोखा,
अपनी अच्छाई से खाया है,
सामने वाले को वैसा ही मान,
लिया जैसा दिखा, लेकिन बाद,
में पता चला कि यहां लोग,
रावण से भी ज्यादा चेहरे लिए,
फिरते हैं।

अकेले जीना सीख जाता है इंसान जब उसे पता लग जाता है,
की अब साथ देने वाला कोई नहीं है।

मुझको मेरी तन्हाई से अब शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ, मुझे खुद से भी मोहब्बत नहीं है।

आपके जाने के बाद इस दिल का दरवाजा हमने कभी खोला ही नहीं,
वरना बहुत से चांद आए थे इस घर को सजाने के लिए।

लोग अपनो के लिए,
वक्त नही निकाल पाते,
हमने तो एक गैर पर,
जिंदगी कुर्बान कर रखी है।

सारे फासले मिटा कर तू हमसे प्यार रखना,
हमारा रिश्ता हमेशा बरकरार रखना,
अगर कभी इत्तेफाक से हम आपसे जुदा हो जाये,
तो कुछ पलों के लिए मेरा अपनी आँखों में,
इंतज़ार रखना।

जिस तरह से हम चिंता और नाखुशी के खिलाफ,
अपना बचाव करना चुनते हैं, वह हमारे “व्यक्तित्व” के,
बहुमत को निर्धारित करता है।

प्यार में आपकी तशरीफ़ बयान करने में जो कमी रह जाए,
तो पहले ही उसकी माफी कीजिए।

मैं तब तक इंतज़ार करुँगा जब तक या तो,
मैं तुम्हें न भूल जाऊँ या तुम मुझे न भूला सको।

जब रिश्ता नया होता है,
तो लोग बात करने के बहाने ढ़ुढ़ते है,
और जब वही रिश्ता पुराना हो जाता है,
तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है।

जब आप अकेले बैठते है,
तक आप अपने भूतकाल में होते हैं।

सब मुझे ही कहते हैं उसे भूलकर आगे बढ़ो,
कोई उसे भी क्यों नहीं कहता कि वह मेरा हो जाए।

मैं अपने जीवन में उन सभी कठिन लोगों के लिए आभारी हूं,
जिन्होंने मुझे बिल्कुल वही दिखाया है जो मैं नहीं बनना चाहता।

कितनी जल्दी दूर हो जाते हैं वो लोग जिन्हें हम,
जिंदगी समझ कर कभी खोना नहीं चाहते।

जब रिश्ता उनसे निभाया नहीं गया तो बोले,
हमसे अच्छी तुमको और मिल जाएगी।

कुछ लोग पहले हमारी जिंदगी बदल देते हैं,
और फिर बिना बताए छोड़ जाते हैं।

तन्हाई अक्सर पूछती हे हमसे, क्या आज भी इंतजार हे उसके लौट आने का,
ये दिल मुकुर के कहता हे, मुझे अब तक यकीन नहीं उसके चले जाने का।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा अकेलापन पर कोट्स आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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