Ahankar Quotes in Hindi | अहंकार पर अनमोल विचार

Ahankar Quotes in Hindi: दोस्तों आज के इस लेख में हम अहंकार पर अनमोल विचार आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की अहंकार पर अनमोल विचार आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा अहंकार पर अनमोल विचार पसंद आएगा।

Ahankar Quotes in Hindi

ahankar quotes in hindi

मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो,
परंतु उसकी परछाई सदैव काली होती है,
मैं श्रेष्ठ हूँ यह आत्मविश्वास है लेकिन,
सिर्फ मैं ही श्रेष्ठ हूँ यह अहंकार है।

अहंकार में आदमी फूल सकता है,
फल नहीं सकता।

अहंकार और गुस्से से भरे इंसान को किसी शत्रु की जरूरत नहीं होती।

उन्होंने पूछा कि “किस चीज़ का घमंड हैं ‘अभि’ तुम्हारे पास,
हमने कहा “क्योंकि खोने के लिए कोई चीज़ नही हमारे पास।

राज तो हमारा हर जगह पे है,
पसंद करने वालों के दिल में,
और नापसंद करने वालों के दिमाग में।

जिसपर अहंकार का साया होता है,
उसके लिए अपना भी पराया होता है।

घर नहीं कुछ लोग घमंड बना लेते हैं,
फिर वक़्त के भूकंप से घर और घमंड एक साथ टूटते हैं।

रूबरू होने की तो छोड़िए,
लोग गूफ्तगू से भी कतराने लगे हैं,
गुरूर में हैं रिश्ते,
अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं।

ना इज्जत कम होती ना शान कम होती,
जो बात तुमने घमंड में कहीं हैं,
वो बात हस के बोली होती तो तुम्हारी खूब तारीफ होती।

अपने अंदर से अहंकार को निकाल कर,
स्वयं को हल्का करें,
क्योंकि ऊंचा वही होता है,
जो हल्का होता है।

जिन लोगों को मुफ्त में चीजें मिल जाती है,
अहंकार उन्ही को होता हैं।

लोग कहते हैं,’धवल’ प्यार को तेरे घमंड बडा है,
भला प्यार है मेरा घमंड में भी मेरे साथ खड़ा है।

समय के साथ चलने से,समय जीना सिखाता है,
अकड़ कर चलनेवालों का, घमंड टूट जाता है,
कहानी चार दिन की है, जमाना भूल जाता है,
सिर्फ अपनों को ही, गुजरा जमाना याद आता है।

अपने अंदर से अहंकार को निकाल कर स्वयं को हल्का करें,
क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है।

प्यार हमेशा Sorry बोलना पसंद करता है,
जबकि अहंकार हमेशा Sorry सुनना।

अहंकार किस बात का, करता है इंसान,
कितने ही आए गए, मिलते नहीं निशान।

तुझसे अलग होने के बाद,
मुझे तेरे घमंड का पता चल गया,
लोग सिर्फ पैसे वाले इंसानों से ही,
बात करना पसंद करते हैं।

बड़ा वो नहींजो दूसरोंको छोटा समझे,
बल्कि बड़ा वोहै जिससे मिलकर कोई छोटा न महसूस करे।

प्रेम तब खुश होता है,
जब वो कुछ दे पाता है,
अहंकार तब खुश होता है,
जब वो कुछ ले पाता है।

बिन बात की कलह का मूल अहंकारही होता है।

अगर ज्यादा ही घमंड है,
तो एक बार समशान होकर जरूर आना,
बहा जाके देख लेना तुमसे भी ज्यादा,
हेशियत वाले राख में मिले पड़े हैं।

घमंड के बादलों से घिरे इंसान को,
सूरज कभी नज़र ही नहीं आ सकता।

अहंकार में आ के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है,
माफ़ी माँग के वही रिश्ता निभाया जाए।

कमजोर होते है वो लोग जो शिकवा किया करते है,
उगने वाले तो पत्थर का सीना चीर के भी उगा करते है।

कहीं का ग़ुस्सा कहीं की घुटन उतारते हैं,
ग़ुरूर ये कि हम काग़ज़ पे फ़न उतारते हैं।

अहंकार में लिए गए फैसले से,
इंसान को बाद में पछताना पड़ सकता है।

अहंकार के समूल नाश से तृष्णाओं,
का अंत होता है।

बहुत घमंड भी था,
मुझे तुम्हारा होने का,
पर घमंड था ना,
एक दिन टूटना ही था।

घमंड एक ऐसा हथियार है,
जिसका इस्तेमाल इंसान,
स्वयं की बर्बादी के लिए करता है।

कहीं का ग़ुस्सा कहीं की घुटन उतारते हैं,
ग़ुरूर ये कि हम काग़ज़ पे फ़न उतारते हैं।

जिन लोगों को चीजें,
खैरात में मिल जाती है,
उन्हें सबसे ज्यादा घमंड होता है।

मन में अहंकार आने से न तो इंसान को अपनी गलती दिखाई देती है,
और न ही दूसरों की सही बात अच्छी लगती है।

जिनकी आँखों पर अहंकार का पर्दा पड़ा हो,
उन्हें ना दूसरों के गुण दिखाई देते हैं,
न ही अपने अवगुण का पता चलता है।

जो हम करते हैं, वह दुसरे भी कर सकते हैं,
ऐसा मानें. यदि न मानें तो हम अहंकारी ठहराए जाएंगे।

हर घमंडी के घमंड का खात्मा अपने आप होता है,
याद रखना हर बाप का एक बाप होता है।

एक बात यही सत्य है, मानुष माटी खंड,
माटी में ही मिल गया, रहता नहीं घमंड।

मैं अन्धेरा हूं तो अफसोस क्यूं करूं,
मुझे गुरूर है, रोशनी का वजूद मुझसे है।

जो अपनी जिंदगी में कुछ पाना चाहते हैं,
वो समंदर में भी पत्थरों के पुल बना लेते हैं।

अहंकार में आ के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है,
माफ़ी माँग के वही रिश्ता निभाया जाए।

अहंकार महान शत्रु है,
अहंकार आपको हर बार वापस पकड़ लेगा।

खुश ऐसे रहो कि, ज़िन्दगी कहें इसको किस बात का,
घमंड हैं घमंड के उजालों में कुछ इस कदर गुमनाम हुए,
मानो खुद के बनाए हुए बाज़ारों में नीलाम हुए।

एक उसूल पर गुजारी है जिंदगी मैंनें,
जिसको अपना माना उसे कभी परखा नही।

हम खुदा से उस शक्स को,
पाने की दुआ कर बैठे है,
जिसे खुद के होने पे ही,
इतना घमंड है।

अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है,
अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है।

घमंड में अंधे इंसान को न तो अपनी भूले नजर आती है,
ना ही दूसरों की अच्छी बातें।

अहंकार करना नहीं, बहुत बड़ी यह भूल,
धन,वैभव के संग सब, मिल जाता है धूल।

अपनी जेब का गुरूर अपने सर पर मत चढ़ने देना,
वरना तक़दीर वक़्त नहीं लगाती ज़मीन की धुल चाटने में।

वक्त तो सबका बदलता रहता है,
इस पर घमण्ड क्या करना,
कुर्सी तो वही रहेगी बस आने जाने वाले लगे रहेंगे।

अगर घमण्ड की कीमत मालूम करनी है तो,
इसे OLX पर डाल दो देखते हैकितने खरीददार मिलते है।

बोल दिया होता तुम्हे दर्द देना है,
ऐ ज़िंदगी मोहब्बत को बीच में लाने की क्या जरुरत थी।

दुनिया का सबसे खूबसूरत शब्द है,वाह,
जब आप किसी के लिए ऐसा बोलते हैं,
तब ना सिर्फ आप अपने अहंकार को तोड़ते है,
बल्कि एक दिल भी जित लेते हे।

हम कुछ भी जीते जी नही पा सकते,
जब तक हमारे अंदर उसके लिए मर जाने का जुनून न हो।

इंसान विद्यालय में घमंड का अर्थ भी सीखता है,
और दया का अर्थ भी सीखता है,
परन्तु फिर भी वह सिर्फ घमंड करना सीखता है,
और दया करना भूल जाता है।

बड़ा वो नहीं जो दूसरों को छोटा समझे,
बल्कि बड़ा वो है जिस से मिलकर कोई छोटा न महसूस करे।

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है,
तीर की तरह मगर ख़ामोश हूँ,
अपनी तक़दीर की तरह।

जिसे बिना मेहनत किये,
सब कुछ मिल जाता है,
वह व्यक्ति अहंकारी हो जाता है।

मुझे मत सिखा मोहब्बत की बातें,
जिन किताबों से तुमने मोहब्बत सीखि वो किताबें हमने लिखि है।

जो मनुष्य अहंकार करता है,
उसका एक न एक दिन पतन अवश्य हो जाएगा।

अहंकारी वाले लोग उच्च मूल्य के टैग,
वाले सस्ते कपड़े पसंद करते हैं।

तुम जलते रहोगे आग की तरह,
और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह।

अपने किरदार का किरायदार कभी गुरूर को मत बनाना,
नहीं तो तुम उसके नहीं वो तुम्हारा मालिक बन जाएगा।

घमंडी के लिए कहीं कोई ईश्वर नहीं,
ईर्ष्यालु का कोई पडोसी नहीं,
और क्रोधी का कोई मित्र नहीं।

मत कर इतना घमंड,
बहुत पछताएगा,
एक दिन खुद ही अपनी नजरो में,
गिर जाएगा।

जलती लकड़ी देखकर मन में आया विचार,
तनकी होनी यही गति फिर कैसा अहंकार।

कहने की बात तो बस इतनी सी है,
जीतने की उन्हें ग़लतफ़हमी सी है,
उन्हें घमंड की गर्मी सी है,
हम पर खुदा की रहमी सी है।

न मेरा एक होगा, न तेरा लाख होगा,
न तारीफ़ तेरी, न मेरा मजाक होगा,
गुरूर न कर शाह-ए-शरीर का,
मेरा भी खाक होगा, तेरा भी ख़ाक होगा।

अहंकार हमें अपूर्णीय क्षति पहुंचाता है,
और हमें यह बात जीवन में,
कभी समझ में नहीं आती है।

अहंकारी राय है कि एक आदमी प्रकृति का राजा है,
जिसे खुद आदमी ने बनाया है,
ताकि वह अपने गलत फैसलों को सही ठहरा सके।

अच्छी बात है कि आप अहंकारी हैं,
क्योंकि इसके रहते आप कभी स्वयं को,
गलत होते हुए भी गलत नहीं समझेंगे।

सुख बाहर से मिलने की चीज़ नहीं है,
वह तो हमारे भीतर मौजूद है,
लेकिन अहंकार को तयागे बिना उसे पाना मुमकिन नहीं।

अहंकार एक सामाजिक कल्पना है,
जिसके लिए एक समय में एक व्यक्ति को सभी दोष मिलते हैं।

शरीफों की शराफत और हमारा,
कमीनापन किसी को अच्‍छा नहीं लगाता।

बेपनाह इश्क की दास्तान हो तुम,
मेरे लिए मेरा पूरा जहान हो तुम,
मिलता होगा धोखा जमाने को प्यार में,
मेरे लिए मेरा अभिमान हो तुम।

गुरूर की हैसियत बस इतनी सी है,
बस एक पल दूर है अब वो टूटने से।

कुछ लोग अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझते हैं,
लेकिन ऐसे लोग अंदर से,
बिल्कुल खोखले होते हैं।

घमंड किस बात का करते हो यारो,
मरने के बाद तो अपने भी मुड़कर नहीं देखते,
कुछ समय बाद वे भी भूल जाया करते हैं।

जिस ख्वाब को सच कर तू खुदा को आँख दिखा रहा है,
खुदा के आँख झपकने की देर है,
तेरी हकीकत तेरा ख़्वाब बन जाएगी।

किस बात का इतना घमंड,
किस बात का इतना गुरूर,
वक़्त के हाथों बने सब शेर,
वक़्त ही करे सब चकनाचूर।

सभी अहंकार वास्तव में है,
हमारी राय है, जिसे हम ठोस,
वास्तविक और चीजों के बारे में पूर्ण सत्य मानते हैं।

अहंकारी व्यक्ति का ज्ञान निरर्थक होता है,
क्योंकि जब भी वह अपने ज्ञान का उपयोग करता है,
तो किसी न किसी को हानि पहुंचाता है।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा अहंकार पर अनमोल विचार आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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