Mayka Quotes | मायका कोट्स

Mayka Quotes: दोस्तों आज के इस लेख में हम मायका कोट्स आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की मायका कोट्स आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा मायका कोट्स पसंद आएगा।

Mayka Quotes

mayka quotes

लड़कियाँ अपनी ख्वाहिशें माँ को ही बताती है,
ससुराल में तो सिर्फ़ वो जिम्मेदारी निभाती है।

जिन्दगी का रंग कही खो जाता है,
जब अपना ही घर मायका हो जाता है।

ससुराल कितना भी प्यारा हो फिर,
भी मायका बहुत याद आता है।

कोई माई का तो कोई ससुराल कहलाए,
कोई बताए हमें बिटिया का घर कौन सा कहलाए।

माँ के प्यार में इतना दम होता है,
कितनी भी बाते करो कम होता है।

में दबी अरमानो को सुला नही पाती है,
लड़कियाँ अपना “मायका” कभी भुला नही पाती है।

जब बहुत याद आता है ”चुप” हो जाती हूँ,
एलबम देखकर मायके की यादों में खो जाती हूँ।

मायका जब बहुत याद आता है ”चुप” हो जाती हूँ,
एलबम देखकर मायके की यादों में खो जाती हूँ।

दिल में दबी अरमानो को सुला नही पाती है,
लड़कियाँ अपना “मायका” कभी भुला नही पाती है।

सोचा ना था जीवन में,
कभी ऐसा समय भी आएगा,
जब मेरा मन अपने घोंसले में,
जाने को तरस जाएगा।

बेटियों को शिक्षित करना और आर्थिक रूप,
से आत्मनिर्भर बनाना अतिआवश्यक है,
ताकि वो पति को अपना जीवनसाथी और,
दोस्त समझे, मालिक नहीं।

जिन्दगी का रंग कही खो जाता है,
जब अपना ही घर मायका हो जाता है।

बेटियाँ माँ से घंटों फोन पर बतियाती है,
फिर भी दिल की बातें अधूरी रह जाती है।

मेरा मायका मुझे खूब भाता है,
माँ का प्यार अक्सर याद आता है।

कौन कहता है मायका का अधूरे सपना ससुराल पे पूरा होता है,
किसी किसी के सपने जिंदगी भर अधूरे रह जाते हैं।

मायके भी होते हैं ससुराल भी होते हैं लड़कियों के,
पर घर नहीं होते हैं लड़कियों के।

एक लड़की दूसरे घर जाकर न जाने कितनी ख्वाहिशे,
अपने दिल में दफन कर लेती है,
ना ससुराल वाले को बता पाती है ना ही मम्मी पापा को।

मायके में ‘गलती’ होने पर बेटी को सिखाया जाता है,
ससुराल में बहू से गलती होने पर ताना सुनाया जाता है।

लड़कियाँ मायके में जितना ज्यादा सीखती,
और शिक्षा ग्रहण करती है, ससुराल में उतना,
ही ज्यादा खुश रहती है,
खुदा के घर से भी प्यारी ये दहलीज होती है,
मायका वो जगह है जो बेटियों को अजीज होती है।

जब पैसो की बात आती है,
तब ससुराल वालो को असल औकात सामने आती है।

लड़कियाँ मायके में “जिन्दगी” जीती है,
ससुराल में जिम्मेदारियों को जीती है।

जो ससुराल आपसे दहेज़ मांगे,
किर्पा कर के उस घर में अपने बेटी ना जाने दे।

लड़कियाँ अपनी ख्वाहिशें माँ को ही बताती है,
ससुराल में तो सिर्फ़ वो “जिम्मेदारी” निभाती है।

हम बेटियों के लिए,
घोंसला ही तो होता है मायका।

जहां से हम सब कुछ पीछे छोड़कर,
तिनकों रुपी यादों को दिल में बसाकर ,
अपने नए आशियाने की तरफ़ निकल पड़ते हैं।

जिन्दगी का रंग कही खो जाता है,
जब अपना ही घर मायका हो जाता है.

और हर बार एक चिड़िया की तरह,
अपने मायके का चक्कर लगाते हैं,
हम नहीं इनके साथ तो क्या,
बाकी सब तो ठीक है,
ये सोचकर ख़ुश हो जाते हैं।

अगर बचपन में माइका प्यारा है,
तो जवानी में ससुराल जरूर प्यारा होना,
चाहिए तभी एक औरत की कहानी पूर्ण होती है।

खुद के घर से भी प्यारा यह दहलीज होती,
है मायका ही वह जगह है,
जहां जो बेटियां को बेहद अजीब होती है।

मायके की झोपड़ी भी महल होती है,
क्योंकि यहाँ हर तरह की आजादी होती है।

लेकिन इस बार तो,
अब जाऊंगी, कब जाऊंगी,
इस इंतज़ार में,
कितने मौसम बीत गए,
और मेरी आंखों के नटखट आंसू,
हर बार मेरे उदास मन से जीत गए।

आबाद रहे भैया महके मायका का,
आंगन खुशियां रहे लव लगाती सदा,
यही प्रभु से बहना की फरियाद।

माँ-बाप के घर में ही लड़की मेहमान हो जाती है,
सात फेरों के बाद जिन्दगी भी हैरान हो जाती है।

एक अच्छा ससुराल मिलना लड़की के,
लिए बहुत ही सौभाग्य की बात होती है।

कब आओगी ‘बिटिया रानी’,
शायद इस आवाज़ की खनक,
हर बेटी के दिल से ,
उस दिन से ही जुड़ जाती है,
जिस घड़ी ‘बाबुल की लाडो,
पीहर का आंगन छोड़ के आती है।

लड़कियाँ मायके में जिन्दगी जीती है,
ससुराल में जिम्मेदारियों को जीती है।

माँ-बाप का प्यार पवित्र और साफ़ होता है,
इसलिए मायका में हर गलती माफ़ होता है.

अपनी “बहु” में तुम ‘बेटी’ देखना,
फिर वो ससुर में बाप और,
सास में माँ देखेगी देखना।

मायका और ससुराल दो घर पाई है,
मगर हकीकत में दोनों घर पराई है।

महिला की कारीगरी पर नाम उसका नहीं,
मायका हो या ससुराल कोई घर का नहीं।

बिटिया के,
दिल की हर धड़कन के साथ,
बस एक दुआ ही आती है,
‘बाबुल का घर आबाद रहे,
उस घर में हमारी याद रहे।

कुछ ससुराल वाले ऐसे होते हैं,
जो दुल्हन नहीं बल्कि एक नौकरानी,
की खोज करते है।

जिस ससुराल में बहु का सम्मान नहीं होता,
उस ससुराल में कभी भी ईश्वर का वास नहीं होता।

चूड़ी व “अच्छी” जो पिया मन भाये,
बेटी व सच्ची जो ‘मयके’ मे मां की,
ससुराल मे सास की हो जाये।

गिले शिकवे सब खत्म हो जाएंगे,
जब बेटी ब्याही जाएगी,
तब वर्षों के अपने भी मायके वाले हो जाएंगे।।

हर बात पर ताने वो हर बार सह जाती है,
कष्ट अनेको सहकर वो ससुराल में रह जाती है।

हर बात का जवाब पता होता था उसे,
मगर अब वो कैद हर इक सवाल में है,
किसी ने पूछा वो किस हाल में है,
धीमें से आवाज आई वो ससुराल में है।

दुल्हन का दुःख जब ससुराल समझेगा,
तभी आने वाली पीढ़ी खूब तरक्की करेगा।

बहुत ”जोर” से चीखने का मन कर रहा हैं,
यहाँ पर यहाँ तो जोर से बोलना भी माना हैं,
ससुराल में बैठी एक लड़की ने ऐसा कहा।

हर बात पर ताने वो हार बार सह जाती हैं,
कष्ट अनेको सहकर वो ससुराल में रह जाती हैं।

लड़कियाँ ससुराल में मायके की यादों को,
ऐसे संभाल कर रखती हैं जैसे इस दुनिया,
का सबसे कीमती खजाना हो।

हर बात पर ताने वह हर बार यही चाहती है,
कष्ट अनेकों सहकर हो ससुराल में रह जाती है

मायके वाले हमेशा सोचते है कि बेटी की कोई,
शिकायत न आये. ससुराल वालों को भी बहू को,
ऐसे रखना चाहिए कि वो कोई शिकायत अपने,
मायके वालो से ना करें।

ससुर के रूप में पिता मिले सास के रूप में,
मां देवर के रूप में भाई मिले ननंद और भाभी में,
सहेली मिले बस यही होती है हर बेटी के पिता की तमन्ना।

बेटियों को शिक्षित करना और आर्थिक रूप,
से आत्मनिर्भर बनाना अतिआवश्यक है,
ताकि वो पति को अपना जीवनसाथी और,
दोस्त समझे, मालिक नहीं।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा मायका कोट्स आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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