Gulzar Quotes in Hindi | गुलज़ार कोट्स हिंदी में

Gulzar Quotes in Hindi: दोस्तों आज के इस लेख में हम गुलज़ार कोट्स आपके लिए लेके आए हैं। इस तरह की गुलज़ार कोट्स आपको और कही नहीं मिलेंगे। उम्मीद करते है की आपको हमारा अनमोल सत्य वचन पसंद आएगा।

Gulzar Quotes in Hindi

gulzar quotes in hindi

हज़ारों चेहरों में तुम दिल को अच्छे लगे,
वरना न चाहत की कमी थी न चाहने वाले की।

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे।

अजीब दस्तूर है जमाने का,
अच्छी यादें पेन ड्राइव में,
और बुरी यादें दिल में रखते है।

वो़ मोहब्बत भी़ तु़म्हारी थी़ नफरत भी़ तुम्हारी़ थी़,
हम़ अपनी़ वफ़ा का़ इंसाफ कि़ससे़ माँगते़,
वो़ शहर भी़ तुम्हारा़ था वो़ अदालत भी़ तुम्हारी़ थी।

किताबों से कभी गुजरो तो यूँ किरदार मिलते हैं,
गए वक्तों की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं,
जिसे हम दिल का वीराना समझकर छोड़ आये थे,
वहाँ उजड़े हुए शहरों के कुछ आसार मिलते हैं।

अगर कोई लड़की तुमसे सच्चा प्यार करेगी तो,
वह आपसे सिर्फ और सिर्फ एक ही चीज मांगेगी,
और वह है आपका वक्त।

जिंदगी में उस इंसान को कभी मत खोना
जो खुद गुस्‍सा करे
और खुद ही तुम्‍हारे पास आकर सॉरी बोले।

कुछ अलग करना हो तो,
भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं,
मगर पहचान छिन लेती हैं।

दूर जाने के लिए,समंदर पार जाना,जरुरी नहीं होता,
कोई खलिश,ठहर जाये मन में,यही काफ़ी है l

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में,
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में।

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में,
​बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका।

अपने जिस्म की तलब तो
मिटा ली तुमने
मेरी रूह की ख्वाइशों का
क्या करूँ मै

अच्छी किताबें और अच्छे लोग तुरंत समझ में नहीं आते हैं,
उन्हें पढना पड़ता हैं।

दुपट्टा क्या रख लिया सर पे,
वो दुल्हन नजर आने लगी,
उसकी तो अदा हो गयी,
जान हमारी जाने लगी।

बहुत छाले हैं उसके पैरों में,
कमबख्त उसूलों पर चला होगा।

सामने आए मेरे, देखा मुझे, बात भी की,
मुस्कुराए भी, पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर,
कल का अख़बार था, बस देख लिया, रख भी दिया।

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना।

फितरत तो कुछ यूं भी है इंसान की,
बारिश खत्म हो जाये तो छतरी बोझ लगती है।

कोई पूछ रहा है मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुरादेना।

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे।

ज़मीं भी उसकी, ज़मीं की ये नेमतें उसकी ये सब उसी का है,
घर भी, ये घर के बंदे भी ख़ुदा से कहिये, कभी वो भी अपने घर आये।

नहीं बदल सकते हम खुद को औरों के हिसाब से,
एक लिबास हमें भी दिया है खुदा अपने हिसाब से।

तुझ़ को बेह़तर ब़नाने की़ कोशिश़ में,
तु़झे ही वक्त ऩहीं दे पा ऱहे ह़म,
माफ़ क़रना ए़ जिंदगी,
तु़झे ही ऩहीं जी पा ऱहे ह़म।

बोली बता देती है,इंसान कैसा है,
बहस बता देती है, ज्ञान कैसा है,
घमण्ड बता देता है, कितना पैसा है,
संस्कार बता देते है, परिवार कैसा है।

जब कोई ऐसा इंसान आपको,
इग्‍नोर करने लगे जो पहले आपसे,
बहुत अच्‍छा से बात करता था,
तो समझ लेना उसके मतलब के दिन पूरे हो गए।

बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है।

भूलने की कोशिश करते हो,
आख़िर इतना क्यों सहते हो,
डूब रहे हो और बहते हो,
दरिया किनारे क्यों रहते हो।

किसी से हद से ज्‍यादा उम्‍मीद मत करना,
क्‍योकि 1 दिन उस उम्‍मीद के साथ,
तुम भी पूरी तरह टूट जाओगे।

तारीफ़….अपने आप की करना फ़िज़ूल है,
खुशबु….खुद बता देती है कौन सा फूल है।

किसी की आदत बन जाओ,
मोहब्बत खुद ब खुद हो जाएगी।

मशगूल था कल सारा शहर रावण जलाने में,
मैंने वीराने में जाकर उसके ख़त जला डाले।

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं।

फर्क नहीं पड़ता कि हम कैसे हैं,
जिसने जैसी सोच बना ली,
उसके लिये हम वैसे हैं।

दिल में कुछ जलता है शायद, धुआँ धुआँ सा लगता है,
आँख में कुछ चुभता है शायद, सपना सा कोई सुलगता है।

आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ऐतबार किया।

उसका वादा भी अजीब था,
कि जिंदगी भर साथ निभाएंगे,
मैंने भी ये नहीं पुछा कि,
मोहब्बत के साथ या यादों के साथ।

आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है,
जो भी छिपा रखा है मन में लूटा देने का मन है।

भरोसा उस पर करो जो,
तुम्‍हारी 3 बाते पहचान सके,
मुस्‍कुराहट के पीछे का दुख,
गुस्‍से के पीछे प्‍यार,
चुप रहने के पीछे की वजह।

लौटने का ख्याल भी आए,
तो बस चले आना,
इंतजार आज भी बड़ी,
बेसब्री से है तुम्हारा।

किसने रास्ते मे चांद रखा था,
मुझको ठोकर लगी कैसे,
वक़्त पे पांव कब रखा हमने,
ज़िंदगी मुंह के बल गिरी कैसे,
आंख तो भर आयी थी पानी से,
तेरी तस्वीर जल गयी कैसे।

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।

ज़ायका अलग सा है मेरे लफ़्ज़ों का,
के कोई समझ नहीं पाता, कोई भूला नहीं पाता।

सोचता था दर्द की दौलत से मैं,
ही मालामाल हूँ देखा जो गौर से तो,
हर कोई राईस निकला।

कभी कभी बाज़ार में यूँ भी हो जाता है क़ीमत ठीक थी,
जेब में इतने दाम नहीं थे ऐसे ही इक बार मैं तुम को हार आया था।

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं है।

मेरा हक़ नहीं है तुम पर,
ये जानता हु में,
फिर भी न जाने क्यों,
दुआओ में तुझको मांगना,
अच्छा लगता हे।

ये माना इस दौरान कुछ साल बीत गए हैं,
फिर भी आँखों में चेहरा तुम्हारा समाये हुए है,
किताबों पे धूल जमने से कहानी कहाँ बदलती है।

शौक नहीं रहा कि खुद को साबित करूँ,
अब तो आप जो समझो वही हूँ मैं।

तुमने सिर्फ इश्क सुना है पढ़ा है, देखा है,
हमने इश्क किया है जिया है, हारा है, सहा है।

एक तरफ़ा मोहब्बत में लोग बदनाम नहीं होते,
बस इसी बात का सुकून है मन को।

छोड़ रखा है,
मुझे यहां, साथ ले क्यूं नहीं जाते,
कैसे समझाऊं उसे,जां निकलना इसे ही कहते।

पनाह मिल जाए रूह को जिसका हाथ छूकर,
उसी हथेली पर घर बना लो।

सुनो,
जब कभी देख लुं तुमको,
तो मुझे महसूस होता है कि,
दुनिया खूबसूरत है,

फर्क नहीं पड़ता कि,
कौन आपको पाने के लिए मरता है,
मायने तो ये रखता है कि,
आपको खोने से कौन डरता है।

एक सौ सोलह चाँद की रातें,
एक तुम्हारे कंधे का तिल,
गीली मेहँदी की खुश्बू,
झूठ मूठ के वादे,
सब याद करा दो, सब भिजवा दो,
मेरा वो सामान लौटा दो।

मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग,
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता।

एक अच्छा दोस्त,
एक अच्छी किताब,
एक अच्छी सोच,
ये तीन चीज इन्सान की,
जिंदगी बदल देती है।

महफ़िल में गले मिलकर वह धीरे से कह गए,
यह दुनिया की रस्म है, इसे मुहोब्बत मत समझ लेना।

ऐ इश्क़ दिल की बात कहूँ तो बुरा तो नहीं मानोगे,
बड़ी राहत के दिन थे तेरी पहचान से पहले।

झूठे तेरे वादों पे बरस बिताये,
ज़िन्दगी तो काटी, ये रात कट जाए।

उम्र ज़ाया कर दी लोगों ने औरों के वजूद में नुक्स निकालते-निकालते,
इतना खुद को तराशा होता तो फ़रिश्ते बन जाते।

रोई है किसी छत पे, अकेले ही में घुटकर,
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश।

मौत की शह देकर तुमने समझा था,
अब तो मात हुई मैंने जिस्म का ख़ोल,
उतार के सौंप दिया-और रूह बचा ली।

बार बार रफू करता रहता हूँ,
जिन्दगी की जेब, कम्बखत फिर भी,
निकल जाते हैं, खुशियों के कुछ लम्हें,
कभी तानों में कटेगी, कभी तारीफों में,
ये जिंदगी है यारो, पल पल घटेगी।

किसी ने मुझसे पूछा की,
दर्द की कीमत क्या है.?
मैंने कहा, मुझे नही पता,
मुझे लोग फ्री में दे जाते हैं।

मेरे किरदार से वाकिफ,
होने की कोशिश मत कर,
उसे समझने में दिल लगेगा,
और तुम दिमाग वाले हो।

ज़मीं सा दूसरा कोई सख़ी कहाँ होगा,
ज़रा सा बीज उठा ले तो पेड़ देती है।

मैं दिया हूँ मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से,
हैं हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं।

बेहिसाब हसरतें ना पालिये,
जो मिला है उसे सम्भालिये।

उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और,
ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे।

बड़ी नादानी से पूछा उन्होंने,
क्या अच्छा लगता हे,
हमने भी धीरे से कह दिया,
एक झलक आपकी।

कुछ रिश्तो में मुनाफा नहीं होता,
पर जिंदगी को अमीर बना देते हैं।

मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को,
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है।

मैं कभी सिगरेट पीता नहीं,
मगर हर आने वाले से पूछ लेता हूँ कि माचिस है?
बहुत कुछ है जिसे मैं फूँक देना चाहता हूँ।

नशा मोहब्‍बत का हो या शराब का,
होश दोनो में खो जाता हे,
फर्क सिर्फ इतना हे शराब सुला देती है,
और मोहब्‍बत रूला देती है।

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं।

कैसे गुजर रही है, सब पूछते है,
कैसे गुजारता हूं, कोई नही पूछता।

जो जाहिर करना पड़े,
वो दर्द कैसा,
और जो दर्द न समझ सके,
वो हमदर्द कैसा।

बाप के कपड़े उतर गए,
बेटी को कपड़े पहनने में,
बेटी ने कपड़े उतार दिए,
अपने बॉयफ्रेंड को मानाने में।

कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा गुलज़ार कोट्स आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है।

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